नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज के चार साल पहले जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस हमले में भारत के 40 जवान शहीद हुए थे। भारत ने कड़े कदम उठाते हुए पुलवामा हमले का बदला लिया। हमारे बहादुर सैनिकों ने इस हमले का जवाब बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में दिया।
पीएम ने ट्वीट किया, ‘अपने वीर नायकों को याद करते हैं जिन्हें हमने इस दिन पुलवामा में खो दिया था। हम उनके सर्वोच्च बलिदान को कभी नहीं भूलेंगे। उनका साहस हमें एक मजबूत और विकसित भारत बनाने के लिए प्रेरित करता है।’
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पुलवामा के आतंकी हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि ‘मैं वर्ष 2019 में आज ही के दिन पुलवामा में हुए भीषण आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि देता हूं. देश उनके बलिदान को कभी नहीं भूल सकता. आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उनका शौर्य और अदम्य साहस हमेशा प्रेरणास्रोत बना रहेगा.’ गौरतलब है कि 14 फरवरी, 2019 को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक काफिले पर यह हमला पाकिस्तानी आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद ने किया था. जिसका सरगना मसूद अजहर है.
जम्मू से श्रीनगर तक 2,500 से अधिक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों को ले जा रहे 78 वाहनों के काफिले को आतंकवादियों ने 14 फरवरी, 2019 को अपना निशाना बनाया था. जिसके बाद एक बस में सवार CRPF के 40 जवान शहीद हो गए. CRPF का ये काफिला जम्मू से निकला था और बर्फ के कारण हाईवे के बंद होने के कारण बड़ी संख्या में जवानों को इसमें ले जा रहा था. तभी पुलवामा जिले के लेथापोरा में काफिले पर घातक सुसाइड अटैक किया गया था. इस हमले में हमला करने वाला आतंकी आदिल अहमद डार भी मारा गया था. इस हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को दोषी ठहराया. जबकि पाकिस्तान ने हमले की निंदा की और इससे अपना कोई संबंध होने से इनकार किया.