इंडिया ने चौथे टी20 में वेस्टइंडीज को 9 विकेट से हराया, यशस्वी की धांसू बैटिंग, सीरीज में बराबर

Ind Vs WI: वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज की शुरुआत टीम इंडिया के लिए निराशाजनक अंदाज में हुई थी. लगातार दो मैचों में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा था. हार्दिक पंड्या की कप्तानी पर सवाल उठ रहे थे. कोच राहुल द्रविड़ के टीम मैनेजमेंट के तरीकों और फैसलों पर भी उंगलियां उठ रही थीं. अब रविवार 13 अगस्त को पांच मैचों की सीरीज का आखिरी मैच खेला जाएगा और ये मैच सीरीज की विजेता का फैसला करेगा क्योंकि टीम इंडिया ने लगातार दो जीत केे साथ सीरीज में जोरदार वापसी की है. सवाल ये है कि अचानक टीम इंडिया कैसे सीरीज में लौट पाई?

शनिवार 12 अगस्त को अमेरिका के फ्लोरिडा में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को चौथे टी20 मैच में 9 विकेट से हराया. वेस्टइंडीज ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट खोकर 178 रन बनाए थे. इसके जवाब में भारती टीम ने यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल की विस्फोटक साझेदारी के दम पर सिर्फ 1 विकेट खोकर ही जीत दर्ज कर ली. टीम इंडिया ने 18 गेंद पहले ही मैच अपने नाम कर लिया और सीरीज में 2-2 से बराबरी हासिल की.

टीम इंडिया का हुआ था बुरा हाल

अब बात करते हैं टीम इंडिया की वापसी की कहानी पर. इसके लिए पहले दो मैचों को याद करना होगा. टीम इंडिया ने पहले मैच में पहले गेंदबाजी की थी. उसे जीत के लिए सिर्फ 150 रन बनाने थे लेकिन टीम इंडिया सिर्फ 145 रन ही बना सकी और हार गई. दूसरे मैच में भारत ने पहले बैटिंग की और सिर्फ 152 रन ही बना सकी. इस बार वेस्टइंडीज ने किसी तरह ये लक्ष्य हासिल कर लिया और सीरीज में 2-0 की बढ़त ली. इन दोनों मैचों में टीम इंडिया की बैटिंग बुरी तरह फ्लॉप रही थी.

कप्तान पंड्या की टीम को चुनौती

दूसरी हार के बाद कप्तान हार्दिक पंड्या ने खुलेआम टीम की बैटिंग को फटकार लगाई थी और कहा था कि ये बिल्कुल भी खुश करने लायक बैटिंग नहीं है. इसके बाद कप्तान ने तीसरे टी20 से पहले फिर बल्लेबाजों को चैलेंज किया था कि किसी को आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेनी होगी. हार्दिक के इन बयानों और प्रोत्साहन का नतीजा दिखा कि भारतीय बैटिंग में जान आ गई और नतीजा लगातार दो सफलता के रूप में दिखा.

रंग में आए भारतीय बल्लेबाज

टीम इंडिया की गेंदबाजी लगातार अच्छा कर रही थी और तीसरे टी20 में भी ये सिलसिला जारी रहा. गयाना में हुए उस मैच में भारत ने वेस्टइंडीज को सिर्फ 159 रन पर रोक दिया था. जवाब में शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल की ओपनिंग जोड़ी फ्लॉप रही थी. इसके बावजूद सूर्यकुमार यादव ने आते ही काउंटर अटैक शुरू कर दिया. ये काउंटर अटैक की रणनीति ही भारत की वापसी की वजह बनी. सूर्या और तिलक वर्मा ने 87 रनों की धुआंधार साझेदारी से जीत पक्की की.

यही काउंटर अटैक आखिरी मैच में भी देखने को मिला, जब सामने मुश्किल लक्ष्य था. फ्लोरिडा में इससे पहले कभी ये इतना बड़ा लक्ष्य चेज नहीं हुआ था. यशस्वी ने पारी की पहली ही गेंद को चौके के लिए भेजकर जोरदार शुरुआत की और यहीं से ताबड़तोड़ बैटिंग का सिलसिला शुरू हुआ. जायसवाल और गिल ने 165 रन जोड़े और टीम इंडिया ने 17 ओवरों में ही जीत दर्ज कर वापसी की कहानी लिखी.

 

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