लोकसभा की सदस्यता खत्म होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अब सरकारी बंगला खाली करना होगा।लोकसभा सचिवालय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस दिया है, जिसके मुताबिक 23 अप्रैल से शासकीय बंगले का आवंटन निरस्त किया जाएगा। इसका मतलब है कि राहुल गांधी को एक महीने के अंदर ही सरकारी आवास खाली करना होगा। लोकसभा हाउसिंग कमेटी ने उन्हें इसके लिए नोटिस जारी किया है। कमेटी ने उन्हें 22 अप्रैल तक 12 तुगलक रोड का सरकारी आवास खाली करने को कहा है।
लोकसभा सचिवालय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस दिया।
दिनांक 23 अप्रैल से शासकीय बंगले का आवंटन निरस्त किया जाएगा। pic.twitter.com/DZO4B1gWAM
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 27, 2023
बता दें कि गुजरात के सूरत कोर्ट ने मानहानि केस में राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी, जिसे लेकर कांग्रेस और पूरा विपक्ष एकजुट हो गया है। अडाणी मामले और राहुल की सदस्यता खत्म करने को लेकर विपक्ष ने सोमवार को ब्लैक प्रोटेस्ट किया। इसमें 17 विपक्षी दल शामिल हुए। सोनिया गांधी भी काले कपड़े पहनकर संसद पहुंची थी। इधर, लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने भारी हंगामा किया। एक सांसद तो लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के आसन तक पहुंच गया और काला कपड़ा लहराने लगा। ये देख स्पीकर सभा को स्थगित कर चले गए।
जानकारी के लिए बता दें कि सुबह 11 बजे दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हुई। इसके बाद विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। इससे राज्यसभा की कार्यवाही को 2 बजे तक और लोकसभा की कार्यवाही को 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। वहीं 2 बजे राज्यसभा की कार्यवाही और 4 बजे लोकसभा की कार्यवाही फिर शुरू हुई, लेकिन हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
इधर, कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ट्वीट कर कहा कि लोकतंत्र के लिए “काला अध्याय” ! पहली बार सत्ता पक्ष संसद को ठप कर रहा है। क्यों? क्योंकि मोदी जी के परम मित्र के काले कारनामे उजागर हो रहे हैं! एकजुट विपक्ष JPC की मांग पर कायम रहेगा। खड़गे ने कहा कि ‘हम काले कपड़ों में क्यों आए हैं? हम दिखाना चाहते हैं कि पीएम मोदी इस देश में लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं। पहले उन्होंने स्वायत्त संस्थाओं को खत्म किया, इसके बाद जहां-जहां जिसने चुनाव जीता, उसे डरा-धमकाकर पीएम ने अपनी सरकार बनवाई। जो लोग उनके आगे नहीं झुके, उन्हें झुकाने के लिए ED और CBI का इस्तेमाल किया। बता दें कि बजट सत्र का दूसरा चरण 13 मार्च से शुरू हुआ था और ये 6 अप्रैल तक चलना प्रस्तावित है।