नई दिल्ली: उमेश पाल अपहरण केस में अतीक अहमद को प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोषी करार दिया है. 17 साल बाद इस केस में कोर्ट ने फैसला सुनाया है. कोर्ट ने बाहुबली अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ समेत सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है. प्रयागराज कोर्ट के फैसले से अतीक अहमद को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है.
अतीक के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर जान को खतरा बताया था. वकील ने कोर्ट से सुरक्षा की मांग की थी. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अतीक को जेल लाया गया है. यह इस कोर्ट का मामला नहीं है. आप हाईकोर्ट जाइए. राज्य सुरक्षा का ध्यान रखेगी.
ये है पूरा मामला?
उमेश पाल अपहरण मामला 17 साल पुराना है। इस मामले में अतीक अहमद मुख्य आरोपी था। उमेश पाल ने उस समय आरोप लगाया था कि 28 फरवरी 2006 के अतीक अहमद ने उसका अपहरण करवाया। उसके साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी दी, क्योंकि वह राजू पाल हत्याकांड का एकमात्र गवाह था।
उमेश के मुताबिक, 28 फरवरी 2006 को अतीक अहमद की लैंड क्रूजर कार समेत एक अन्य वाहन ने उसका रास्ता रोका और घेर लिया। उस कार से दिनेश पासी, अंसार बाबा और अन्य लोग नीचे ऊतरे और उन्होंने उस पर पिस्तौल तान दी और कार में खींच लिया। कार के अंदर अतीक अहमद और तीन अन्य लोग राइफल लेकर बैठे थे। उससे मारपीट की गई और चकिया स्थित अपने दफ्तर लेकर पहुंचे। कमरे में बंद कर उसके साथ मारपीट की गई। उसे करंट के झटके भी दिए गए।