शाहजहांपुर (बीएपी संवाद)। लद्दाख एवं जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र शाहजहांपुर की ओर से पुलवामा हमले में वीरगति प्राप्त सैनिकों के शहादत को याद करते हुए एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए मुख्य अतिथि एसएस लॉ कॉलेज के प्राचार्य डॉ जयशंकर ओझा ने कहा कि 14 फरवरी 2019 को भारतीय इतिहास में काले दिन के रूप में मनाया जाता है। आज उन 40 वीर सपूतों को पूरा देश याद कर रहा है, जिनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपट कर आया था। डॉ ओझा ने कहा, हम अपने वीर जवानों को याद करते हैं, जिन्हें हमने इस दिन पुलवामा में खो दिया था। हम उनके सर्वोच्च बलिदान को कभी नहीं भूल सकते। उनका साहस हमें एक मजबूत और विकसित भारत बनाने के लिए प्रेरित करता है। लद्दाख एवं जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र शाहजीपुर के संयोजक डॉ आलोक कुमार सिंह ने बताया कि इस अध्ययन केन्द्र द्वारा कश्मीरी हिंदू निष्कासन दिवस (19-20 जनवरी), संकल्प दिवस (22 फरवरी), विलय दिवस (26 अक्टूबर), महाराजा हरि सिंह का जन्म दिवस (19 सितंबर) और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस (10 दिसंबर) जैसे महत्वपूर्ण दिवसों को निमित्त बना कर देश भर में अपनी विभिन्न इकाइयों के माध्यम से परिचर्चा, संविमर्श एवं अन्य कार्यक्रमों का आयोजन करता है। इसके साथ ही अध्ययन केंद्र समय-समय पर देश के विभिन्न नगरों और विश्वविद्यालय परिसरों में समसामयिक एवं प्रासंगिक विषयों पर सम्मेलन और विचार गोष्ठियों का आयोजन करता है। डॉ संदीप अवस्थी ने कहा कि जम्मू कश्मीर की यथास्थिति को समझाने के लिए अध्ययन केन्द्र विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं एवं सांसदों के साथ विचार-विमर्श के साथ ही देश के पत्रकारों, राजनीतिक नेताओं, बौद्धिक वर्गों, छात्रों और अध्यापकों की जम्मू-कश्मीर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की यात्राएं आयोजित करा कर जम्मू-कश्मीर के विभिन्न आयामों की समझ को विकसित कराने में भी लगा हुआ है।
कार्यक्रम के अन्त में उपस्थित सदस्यों ने पुलवामा शहीदों के लिए 2 मिनट का मौन रखकर उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ संदीप दीक्षित, चन्दन गोस्वामी, रजत सिंह, मंजीत सिंह, डॉ पवन गुप्ता, मृदुल शुक्ला, राजेश सक्सेना, सुमित त्रिपाठी, विजय सिंह, डॉ अनिल कुमार व डॉ अजीत कुमार उपस्थित रहे।