शाहजहांपुर (बीएपी संवाद)। मुमुक्षु महोत्सव के तहत आयोजित एसएस लॉ कॉलेज के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान पहुंचे। उन्होंने कहा कि दो साल तक अंग्रेजों ने हिन्दू-मुस्लिम का भूत सबके मन में बैठाया। आज 75 साल बाद भी यह भूत लोगों के दिल-ओ-दिमाग से नहीं उतर रहा है। हरा रंग मुस्लिम का नहीं, हरा खुशहाली का रंग है। कहा कि विजय वह है जो आप किसी को हराकर कामयाब होते हैं। बगैर किसी को हराए जीत है वह जय है। भारत का सबसे पुराना नाम ही जय है।
राज्यपाल ने कहा कि गृहस्थ जीवन कैसे जीना है। उसका तरीका बताया गया है। कहा कि जो भी काम करिए पूजा के सामान करिए, उसको ब्रह्मा को समर्पण करिए। गृहस्थ जीवन जीने का तरीका यह है। इस संस्था में आध्यात्मिक चीजें जुड़ी हुई हैं। शिक्षा आवश्यक है। सुंदर जीवन की कला शिक्षा से आती है। ज्ञानम विज्ञानम सहितम, आपको सशक्त करने का माध्यम है शिक्षा, हथियार आपको दे दिया है, इसको छात्र-छात्राएं कैसे इस्तेमाल करेंगे।
उन्होंने कहा कि शाहजहांपुर आध्यात्मिक व शहीदों की सरजमीं है। यहां आकर बहुत कुछ सीखने को मिला है। बोले कि उनका इस बात पर निश्चित मत है कि आज भी अपनी परम्पराओं को समझा जाए, उसको आत्मसात किया जाए तो 90 फीसदी समस्या हल हो जाएगी। जीवन का उद्देश्य केवल एक है ज्ञान की प्राप्ति है।
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ने कहा कि हर कोई शांति चाहता है। सुरक्षित जीवन यापन करे। सभ्य समाज वह जहां पर जंगल राज न हो। कमजोर को न दबाया जाए। ताकतवर जिम्मेदारी लेता है कि कमजोर अपना जीवन सही से जी सके। इंसान की यह ख्वाहिश होती है हर जगह कामयाबी के झंडे गाड़े, लेकिन दो लोग ऐसे होते माता-पिता व गुरु जो चाहते हैं कि मेरा शिष्य आगे जाएं। अपने माता-पिता व गुरु को कभी मत भूलना। विद्या का मतलब विनम्रता आए। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि जब तक समाज में अज्ञान व्याप्त है, भुखमरी है। तब तक उन लोगों को हम गद्दार की संज्ञा दूंगा, जिन्होंने शिक्षा ग्रहण की है। मेडल लेने वाले हर छात्र से मैंने कहा कि सबसे गरीब व कमजोर का ध्यान रखिएगा।