अत्याचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत 251 पीड़ित आर्थिक सहायता से लाभान्वित

शाहजहांपुर (सूवि)। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत जनपद स्तरीय अनुश्रवण एवं मनीटिरिग समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत दर्ज किये गये मामलों की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने अनुसूचित जाति के पीड़ित व्यक्तियों को घटना के प्रकृति के अनुसार दिये जाने वाली धनराशि के सम्बन्ध में भी जानकारी ली। जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार ने अवगत कराया कि अनुसूचित जाति और जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में मुख्यालय स्तर से जनपद को कुल धनराशि रू0 3,71,00,000/- का आवंटन पृथक-पृथक समयातराल पर प्राप्त हुआ है, जिसके सापेक्ष कार्यालय, पुलिस अधीक्षक शाहजहाँपुर से पूर्व में प्राप्त कुल 161 प्रस्तावों में निहित 251 पीड़ितों को देय आर्थिक सहायता की धनराशि स्वीकृत एवं अनुमोदन कराने के उपरान्त उन्हें धनराशि रू0 2.62,88,750/- का आर्थिक सहायता का भुगतान कर लाभान्वित कराया जा चुका है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने जानकारी देते हुये बताया कि वर्तमान में कार्यालय पुलिस अधीक्षक शाहजहाँपुर से कुल 285 प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं, जिसके अनुसार कुल 415 पीडितों को आर्थिक सहायता दिये जाने के लिये धनराशि रू0 3,46,95,000/- की पत्रावली तैयार कर ली गयी है। जिसे स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचारों से उत्पीड़ित कुल 285 प्रस्तावो में निहित 415 प्रकरणों में से हत्या 05, मारपीट 328, बलात्संग 01, करंट से मृत्यु 01, अपहरण 10 एवं लज्जाभंग 70 मामले है जिसके सापेक्ष उपलब्ध धनराशि रू0 1,08,11,250/- में से 77 प्रस्तावों के 109 पीड़ितों को आर्थिक सहायता दी जा सकेगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने धारा 504, 506 के विषय में जानकारी देते हुये बताया कि अपराध की प्रकृति की धाराओं के साथ एसएसटी एक्ट लगा होने पर मारपीट में प्रथम सूचना रिर्पोट पर 25 प्रतिशत एवं चार्जशीट पर धनराशि का 50 प्रतिशत, हत्या में प्रथम सूचना रिर्पोट एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर 50 प्रतिशत तथा चार्जशीट पर 50 प्रतिशत, बलात्संग के प्रकरणो में प्रथम सूचना रिपोर्ट एवं मेडिकल पुष्टिकारक पर 50 प्रतिशत एवं चार्जशीट पर 25 प्रतिशत पीड़ितों को भुगतान किया जाता है।
जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित करते हुये कहा कि शीघ्र डी०जी०एस० क्रिमनिल को नामित करें तथा पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण उपरान्त पत्रावली स्वीकृत हेतु जल्द प्रस्तुत करें। उन्होने कहा कि पीड़ितों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु प्रभावी कार्यवाही सुनश्चित की जाये।

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