शाहजहांपुर (बीएपी संवाद)। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद बुधवार को एमपी एमएलए कोर्ट में पेश हुए। चिन्मयानंद पर उनकी शिष्या ने दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए 2011 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
2017 में भाजपा सरकार बनने पर चिन्मयानंद के चल रहे मुकदमे को वापस लेने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन कोर्ट ने इसे लोकहित से जुड़ा मामला न मानते हुए प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था।
हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट से भी चिन्मयानंद को राहत नहीं मिली थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 30 नवंबर तक कोर्ट में आत्मसमर्पण न करने पर उनके विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी हो गया था।
एसीजेएम आसमा सुल्ताना ने चिन्मयानंद को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए थे, लेकिन इस मामले में उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की। जो पिछले दिनों मंजूर हो गई थी।
13 फरवरी को स्वामी चिन्मायनंद की फाइल को एसीजेएम कोर्ट से एमपी एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया था। जिसके बाद आज वहां उनकी पेशी थी। अब आगे की सुनवाई इसी न्यायालय में होगी।