Nuh Violence

कांग्रेस विधायक मामन खान गिरफ्तार, नूंह हिंसा मामले में पुलिस की कार्रवाई

Nuh Violence: नूंह हिंसा मामले में कांग्रेस विधायक मामन खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामन खान मेवात की फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस के विधायक हैं। उनकी गिरफ्तारी नूंह हिंसा मामले में हुई है। जानकारी के मुताबिक मामन खान ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा था । माना जाता है कि यह पोस्ट भड़काऊ था। सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखने से पहले भी मामन खान ने विधानसभा में भड़काऊ बयान दिया था।

इससे पहले विधायक मामन खान ने नूंह हिंसा मामले में ‘‘झूठा फंसाए जाने और गिरफ्तारी’’ से संरक्षण का अनुरोध करते हुए मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया था। खान ने अपनी याचिका में हिंसा से संबंधित मामलों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने के निर्देश दिए जाने का भी अनुरोध किया था। विधायक के वकील अर्शदीप सिंह चीमा ने बताया था कि उन्होंने यह भी मांग की कि नूंह में हिंसा की घटनाओं से संबंधित मामले, जिसमें उन्हें पुलिस द्वारा नोटिस दिया गया था, एसआईटी को स्थानांतरित कर दिए जाएं।

अपनी याचिका में, खान ने अनुरोध किया कि हरियाणा पुलिस को निर्देश दिया जाए कि वह ‘‘जांच लंबित रहने के दौरान याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करे।’’ याचिका में कहा गया है कि हिंसा की घटनाओं के लिए कई प्राथमिकी दर्ज की गईं हैं और ऐसी ही एक प्राथमिकी एक अगस्त को नूंह के एक थाने में दर्ज की गई थी। इसमें कहा गया कि याचिकाकर्ता को 25 अगस्त को सीआरपीसी की धारा 160 के तहत मिले नोटिस से हैरानी हुई, जिसमें एक प्राथमिकी के संबंध में उन्हें पेश होने को कहा गया था।

31 जुलाई को नूंह में हुई थी हिंसा
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की शोभायात्रा पर 31 जुलाई को भीड़ द्वारा हमला किए जाने के बाद हरियाणा के नूंह और इसके आसपास के इलाकों में हुई सांप्रदायिक झड़पों में दो होमगार्ड कर्मियों और एक इमाम सहित छह लोग मारे गए थे। पिछले महीने खान को जारी एक नोटिस में, नूंह पुलिस ने विधायक को हिंसा की जांच में शामिल होने के लिए नगीना पुलिस थाने में पेश होने के लिए कहा था, लेकिन वह पिछले एक पखवाड़े के दौरान दो मौकों पर उपस्थित होने में विफल रहे। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने हाल ही में कहा था कि 31 जुलाई की घटना से पहले, खान को ‘‘28, 29 और 30 जुलाई को उन इलाकों में देखा गया था जहां हिंसा हुई थी।’’ हालांकि, खान ने अपनी याचिका में कहा है कि वह 26 जुलाई से एक अगस्त तक गुरुग्राम स्थित अपने आवास पर थे और उन जगहों पर नहीं गए जहां हिंसा हुई थी। उन्होंने इस संबंध में याचिका में ‘‘सबूत’’ भी प्रदान किए हैं। (इनपुट-भाषा)

 

 

More From Author

15 SEP 23

मौसम विभाग ने दी चेतावनी, छत्तीसगढ़, पढ़ें- बाकी राज्यों में कैसा रहेगा मौसम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *