कांग्रेस नेता पवन खेड़ा

रायपुर आ रहे कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को एयरपोर्ट में रोका ,कांग्रेस नेताओं किया विरोध-प्रदर्शन

दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा को रायपुर जाने वाली एक फ्लाइट में सवार होने से रोक दिया। रायपुर में शुक्रवार से कांग्रेस पार्टी का महाधिवेशन होने वाला है। घटनाक्रम को देखते हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजधानी में आईजीआई हवाईअड्डे के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा कि, ‘पहले छत्तीसगढ़ में नेताओं के यहां ED को भेजा गया। अब, कांग्रेस अधिवेशन में भाग लेने जा रहे पवन खेड़ा को फ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया गया। ये तानाशाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी… हम लड़ेंगे और जीतेंगे।’

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के सत्र को बाधित करने का यह प्रयास है, ठीक वैसे ही जैसे ईडी का छापा सोमवार को मारा गया था। कांग्रेस ने ट्वीट कर बताया कि आज इंडिगो की फ्लाइट 6E-204 से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिल्ली से रायपुर जा रहे थे। सभी फ्लाइट में बैठ चुके थे, उसी वक्त हमारे नेता पवन खेड़ा को फ्लाइट से उतरने को कहा गया। ये तानाशाही रवैया है। तानाशाह ने अधिवेशन से पहले ED के छापे मरवाए और अब इस तरह की हरकत पर उतर आया। दरअसल, कांग्रेस का छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कल से अधिवेशन शुरू होने जा रहा है।

कांग्रेस ने दावा किया है कि पवन खेड़ा को दिल्ली एयरपोर्ट पर पुलिस ने हिरासत में लेने की कोशिश की। खेड़ा दिल्ली से रायपुर जा रही फ्लाइट में बैठने वाले थे। लेकिन उन्हें रायपुर जाने से रोका गया। पवन खेड़ा ने बताया कि, मुझे कहा गया कि आपके सामान को लेकर कुछ समस्या है, जबकि मेरे पास केवल एक हैंडबैग है। जब फ्लाइट से नीचे आया तो बताया गया कि आप नहीं जा सकते हैं। फिर कहा गया- आपसे DCP मिलेंगे। मैं काफी देर से इंतजार कर रहा हूं। नियम, कानून और कारणों का कुछ अता-पता नहीं है।

इस घटना को लेकर कांग्रेस के नेताओं ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि जिस तरह से पवन खेड़ा जी को झूठ बोलकर फ्लाइट से नीचे उतारा गया और अब ये डी-प्लेन करने की बात कह रहे हैं। यह पूरी तरह से नियम-कानून, संविधान के खिलाफ है। वहीं रणदीप सुरजेवाला ने बताया कि, “आज हम सभी इंडिगो की फ्लाइट से रायपुर जा रहे थे, तभी हमारे साथी जी को झूठ बोलकर फ्लाइट से उतार दिया गया। पुलिस ने हमें बताया कि असम पुलिस ने FIR दर्ज की है। लेकिन पुलिस के पास किसी भी प्रकार का कोई लिखित गिरफ्तारी आर्डर नहीं है।”

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