अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में सरखेज-गांधीनगर राजमार्ग पर गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया. इस्कॉन ब्रिज पर हुए इस हिट एंड रन रोड एक्सीडेंट में एक जगुआर कार ने लोगों को रौंद दिया, जिसमें पुलिस कांस्टेबल सहित 9 की मौत हो गई. मृतकों में बोटाद जिले के सुरेंद्रनगर के युवक शामिल हैं. जगुआर की स्पीड 150 किलोमीटर से ज्यादा थी. इस हादसे में 13 लोगों के घायल होने की भी खबर है. सभी घायलों को शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
मिल रही जानकारी के मुताबिक, इस्कॉन ब्रिज (Ahmedabad Iskcon Flyover Accident) पर गुरुवार भोर में एक दूसरा हादसा हुआ था, जिसमें ट्रक ने एक थार एसयूवी को टक्कर मार दी थी. इस हादसे के बाद ड्राइवर फरार हो गया. मौके पर भीड़ जुट गई. इसी दौरान एक तेज रफ्तार जगुआर कार पुल पर मौजूद लोगों को रौंदती हुई निकल गई. पुलिस ने बताया कि घायलों में कार चालक सत्या पटेल भी शामिल है. हादसे के बाद इस्कॉन मंदिर के पास फ्लाईओवर को पुलिस ने अस्थायी रूप से बंद कर दिया.
अहमदाबाद ट्रैफिक पुलिस के एसीपी एसजे मोदी ने बताया कि इस घटना में 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य को इलाज के लिए सोला सिविल अस्पताल ले जाया गया. जगुआर के ड्राइवर को प्राइवेट सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस के मुताबिक जगुआर में घायल युवक के अलावा, एक और लड़का और लड़की सवार थे. उन दोनों के बारे में भी कोई जानकारी नहीं सामने आई है. जानकारी के मुताबिक पहला हादसा बुधवार देर रात 1:15 बजे हुआ.
गुजरात में बारिश से हाल बेहाल
गुजरात से अन्य समाचारों में, बुधवार को राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ आ गई और कई गांवों का संपर्क टूट गया, जिससे अधिकारियों को कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में ले जाना पड़ा. अधिकारियों ने कहा कि जूनागढ़ के मंगरोल तालुका में दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जहां कई गांवों में घरों में पानी घुसने और संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने से कई लोग फंसे हुए हैं, जिससे इलाके पहुंच से बाहर हो गए हैं.
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने कहा कि बुधवार को भारी बारिश के कारण जूनागढ़ सबसे अधिक प्रभावित जिला था, जहां मंगरोल तालुका में सुबह 6 बजे से आठ घंटों में 290 मिमी बारिश हुई, इसके बाद मालिया हटिना तालुका में 191 मिमी बारिश दर्ज की गई. गुजरात के 206 जलाशयों में से 43 को पानी के भारी प्रवाह के कारण हाई अलर्ट पर रखा गया है. सरकार ने एक विज्ञप्ति में कहा कि अठारह जलाशय अलर्ट मोड पर हैं और अन्य 19 के लिए चेतावनी जारी की गई है.