हिरोशिमा में जेलेंस्की से मिले पीएम मोदी, रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच दोनों की पहली मुलाकात

G7 Summit: हिरोशिमा में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की के बीच मुलाकात हुई है। रूस यूक्रेन युद्ध के बीच दोनों नेताओं की ये पहली मुलाकात है। मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई हैं। इस मुलाकात के मायने भी अपने आप में बेहद खास हैंं क्योंकि यूक्रेन लगातार भारत से युद्ध में हस्तक्षेप और रूस पर दवाब बनाने की गुहार लगाता रहा है। वहीं भारत की तरफ से भी हर बार मध्यस्थता किए जाने की बात सामने आई है। इससे पहले आज प्रधान मंत्री मोदी ने अपने जापानी समकक्ष फुमियो किशिदा, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और वियतनामी प्रधान मंत्री फाम मिन्ह चिन्ह के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।

भारत और यूक्रेन के वरिष्ठ राजनयिकों के बीच विचार-विमर्श की एक श्रृंखला के बाद मोदी और ज़ेलेंस्की के बीच बैठक निर्धारित की गई थी। पिछले साल फरवरी में यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद पीएम मोदी और ज़ेलेंस्की के बीच यह पहली आमने-सामने की बैठक थी। गौरतलब है कि पिछले साल, भारतीय पीएम मोदी ने समरकंद में एससीओ शिखर सम्मेलन के मौके पर रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी। चल रहे संघर्ष के समाधान पर जोर देते हुए पीएम ने उनसे कहा कि यह युद्ध का युग नहीं है। जिसकी सभी देशों ने सराहना की थी।

जापान में पीएम मोदी का क्रेज देखने को मिल रहा है। नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जापान में भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने वाले कुछ विशिष्ठ जापानी लोगों से मुलाकात की और कहा कि इस तरह की बातचीत से दोनों देशों के बीच आपसी समझ, सम्मान और मजबूत संबंध बनाने में मदद मिलेगी। कई लोग पीएम मोदी से मिलने पहुंचे। इससे पहले उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया। जी7 शिखर सम्मेलन के लिए जापान पहुंचे मोदी ने हिरोशिमा में गांधी की 42 इंच की कांस्य प्रतिमा का अनावरण करने के बाद कहा कि दुनिया आज भी ‘हिरोशिमा’ शब्द सुनकर भयभीत हो जाती है।

जेलेंस्की ने पीएम मोदी को लिखा था लेटर

यूक्रेन की प्रथम उप विदेश मंत्री एमिन झापरोवा ने पिछले महीने भारत का दौरा किया था. यह यूक्रेन के खिलाफ रूसी हमला शुरू होने के बाद किसी प्रमुख यूक्रेनी नेता की हिंदुस्तान की पहला दौरा था. झापरोवा ने इस दौरान विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी को एक पत्र सौंपा था. यह चिट्ठी जेलेंस्की ने पीएम मोदी के नाम लिखा था.

यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद से मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके यूक्रेनी समकक्ष जेलेंस्की से फोन पर कई बार बात कर चुके हैं. पिछले साल चार अक्टूबर को जेलेंस्की से फोन पर हुई बातचीत में मोदी ने कहा था कि यूक्रेन संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं हो सकता है और भारत शांति स्थापना के किसी भी प्रयास में सहयोग देने के लिए तैयार है.

 

 

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