कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बजरंग दल पर बयान देकर अब फंसते दिख रहे हैं। खरगे को बजरंग दल के मानहानि मामले में समन जारी हुआ है। संगरूर की जिला अदालत के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रमनदीप कौर ने सौ करोड़ रुपये के मानहानि केस में खरगे को समन जारी किया है।
बजरंग दल हिंद के संस्थापक ने किया केस
हिंदु सुरक्षा परिषद बजरंग दल हिंद के संस्थापक हितेश भारद्वाज ने संगरूर कोर्ट में मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ सौ करोड़ रुपये मानहानि की याचिका दायर की है। उनका आरोप है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बजरंग दल की तुलना देश विरोधी संगठनों से करते हुए मानहानि की है।
बजरंग दल की मानहानि पर केस
हितेश ने कहा कि खरगे ने एक रैली में कहा था कि कांग्रेस सरकार सत्ता में आने पर बजरंग दल या अन्य देश विरोधी संगठन जो समाज में नफरत फैलने का काम करते हैं पर पाबंदी लगाई जाएगी। इसके विरोध में हितेश भारद्वाज ने संगरूर अदालत में मानहानि का केस दायर किया है।
10 जुलाई को पेश होने को कहा
केस पर सीनियर डिवीजन जज रमनदीप कौर ने मल्लिकार्जुन खरगे को समन जारी करते हुए दस जुलाई 2023 को संगरूर अदालत में तलब किया है। यह जानकारी हितेश भारद्वाज द्वारा दी गई। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को माननीय अदालत ने समन जारी किया है।
बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस ने अपने मैनिफेस्टो में वादा किया कि सरकार बनाने के बाद वह PFI और बजरंग दल को प्रतिबंधित कर देगी। हालाँकि, गौर करने वाली बात ये है कि, भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने के मिशन पर लगे PFI को केंद्र सरकार पहले ही बैन कर चुकी है। वहीं, इसी PFI के पोलिटिकल विंग SDPI के समर्थन से कांग्रेस ने कर्नाटक चुनाव लड़ा है।
सियासी जानकारों द्वारा कहा जा रहा है कि, कांग्रेस ने अपने अल्पसंख्यक वोट बैंक को खुश करने के लिए बजरंग दल पर बैन लगाने का वादा किया था, जो PFI बैन होने के बाद भड़के हुए थे। बता दें कि, 2015 में कांग्रेस की सिद्धारमैया PFI के 1600 आरोपितों पर दर्ज केस वापिस लिए थे। ऐसे में अब कांग्रेस के हाथ में सत्ता आने के बाद, यह भी हो सकता है कि, कर्नाटक से NIA और बाकी सुरक्षा एजेंसियों ने सबूत और तथ्यों के आधार पर जिन PFI नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किए हैं, कांग्रेस सरकार उन्हें वापस ले ले।