विधानसभा चुनाव 2023 – साल 2023 का पहला चुनाव आज गुरुवार 16 फरवरी को हो रहा हैं। त्रिपुरा में सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो गई है। यहाँ शाम चार बजे तक मतदान होगा। मतदान की सभी आवश्यक तैयारी पूरी कर ली गई है। त्रिपुरा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी गीते किरण कुमार दिनकर राव ने बताया कि करीब 31,000 मतदान कर्मी 2504 स्थानों पर अपने निर्धारित 3,327 मतदान केंद्रों पर पहुंच चुके हैं।
त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के लिए करीब एक महीने से चला आ रहा चुनाव प्रचार का शोर मंगलवार को थम गया था। यहां आठ जिलों की 60 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इसके लिए 31 महिला उम्मीदवारों सहित कुल 259 प्रत्याशी मैदान में हैं। शांतिपूर्ण मतदान के लिए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। चुनाव अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ), त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) और राज्य पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है।
कुल 28 लाख से अधिक मतदाता
मुख्य निर्वाचन अधिकारी किरण गीते ने बताया कि त्रिपुरा की अंतिम मतदाता सूची में 28,13,478 मतदाता हैं, जिनमें से 14,14,576 पुरुष, 13,98,825 महिलाएं और 77 किन्नर मतदाता हैं, यहां 10,344 सर्विस वोटर हैं। उन्होंने बताया कि 80 से अधिक आयु वर्ग में 38,039 मतदाता और 100 से अधिक आयु वर्ग के 679 मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि 18-19 वर्ष के आयु वर्ग के बीच 65,044 मतदाता पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें से 34,704 पुरुष, 30,328 महिलाएं और 12 किन्नर हैं।
सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती
त्रिपुरा में हिंसा मुक्त और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। गृह मंत्रालय ने सीएपीएफ की 400 कंपनियां (30,000 सुरक्षाकर्मी) भेजी हैं। सीएपीएफ के अलावा, असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, लगभग 9,000 टीएसआर जवानों और 6,000 से अधिक त्रिपुरा पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया है।
किस पार्टी ने कितने उम्मीदवार उतारे
चुनाव में इस बार 31 महिलाओं सहित कुल 259 प्रत्याशी मैदान में हैं। सबसे ज्यादा (55) उम्मीदवार भाजपा ने खड़े किए हैं। शेष पांच सीटें भाजपा ने गठबंधन सहयोगी इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (IPFT) को दी हैं। दूसरी ओर लेफ्ट और कांग्रेस गठबंधन है। इस गठबंधन से वाम मोर्चे ने 47 उम्मीदवार खड़े किए जबकि कांग्रेस को गठबंधन के तहत 13 सीटें मीली हैं। इसके अलावा टिपरा मोथा पार्टी ने 42 और तृणमूल कांग्रेस ने 28 उम्मीदवारों को मैदान में उताारा है। चुनाव का नतीजा 2 मार्च को आएगा।
त्रिपुरा का सियासी समीकरण, भाजपा और लेफ्ट-कांग्रेस गठबंधन में टक्कर
त्रिपुरा की सियासत को समझने वाले एक्सपर्ट के अनुसार यहां मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ भाजपा और लेफ्ट-कांग्रेस के गठबंधन से हैं। त्रिपुरा लंबे समय तक लेफ्ट का गढ़ रहा है। लेकिन पिछले चुनाव में भाजपा ने लाल सलाम को खत्म कर भगवा का परचम लहराया था। पहले भाजपा ने यहां विप्लव देव को मुख्यमंत्री बनाया था। लेकिन पिछले साल विप्लव देव को हटाकर डॉ. माणिक साहा को मुख्यमंत्री बनाया गया था। इस चुनाव में माणिक साहा ही बीजेपी के चेहरा है।
ये हैं त्रिपुरा की हाईप्रोफाइल सीट
मुख्यमंत्री डॉ. मानिक साहा सीट टाउन बोरदोवाली से ही चुनाव लड़ रहे हैं। इस बार उनका सीधा मुकाबला कांग्रेस के आशीष कुमार साहा से होगा। इस सीट पर सबकी नजरें रहेंगी। इसी तरह से राज्य के उपमुख्यमंत्री जिष्णुदेव वर्मा चारीलम विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे हैं। इस सीट पर भी सबकी नजरें रहेंगी। केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक को धनपुर सीट से उतारा है, इस पर भी सबकी नजर रहेगी।