नई दिल्ली: अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सोमवार को दिल्ली की प्रशासनिक सेवाओं को लेकर केंद्र के अध्यादेश की प्रतियां नहीं जलाएंगे. आम आदमी पार्टी ने इसके लिए तय किया गया तीन जुलाई का अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया है. आम आदमी पार्टी ने एक बयान जारी करके बताया कि, मामला अब सुप्रीम कोर्ट के सामने है इसलिए पूर्व घोषित तीन जुलाई का कार्यक्रम रद्द किया जाता है.
आम आदमी पार्टी ने आज दिन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया था कि सीएम अरविंद केजरीवाल अपने सभी मंत्रियों और पार्टी विधायकों के साथ सोमवार को पार्टी मुख्यालय में दिल्ली अध्यादेश की प्रति जलाएंगे. लेकिन शाम को दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अध्यादेश को चुनौती दी. इसके बाद आम आदमी पार्टी ने अपना फैसला बदलकर तीन जुलाई का कार्यक्रम रद्द कर दिया.
गौरतलब है कि दिल्ली में अफसरों की ट्रांसफर पोस्टिंग के अधिकार के मामले में केजरीवाल सरकार आज सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. दिल्ली सरकार ने अफसरों की ट्रांसफर पोस्टिंग पर केंद्र सरकार के अध्यादेश को चुनौती दी है. दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने केंद्र सरकार के अध्यादेश को संवैधानिक बताया है.
दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि, केंद्र सरकार के अध्यादेश पर तुरंत रोक लगाई जाए. यह अध्यादेश असंवैधानिक है.
क्यों सुप्रीम कोर्ट गई आप सरकार?
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 19 मई को ‘दानिक्स’ कैडर के ‘ग्रुप-ए’ अधिकारियों के तबादले और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए ‘राष्ट्रीय राजधानी लोक सेवा प्राधिकरण’ गठित करने के उद्देश्य से एक अध्यादेश जारी किया था। अध्यादेश जारी किये जाने से महज 1 सप्ताह पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में पुलिस, कानून-व्यवस्था और भूमि को छोड़कर अन्य सभी सेवाओं का नियंत्रण दिल्ली सरकार को सौंप दिया था। शीर्ष अदालत के 11 मई के फैसले से पहले दिल्ली सरकार के सभी अधिकारियों के स्थानांतरण और तैनाती उपराज्यपाल के कार्यकारी नियंत्रण में थे।