नई दिल्ली। अब टिकट न होने या गुम हो जाने पर लोगों को दंड या यात्रा से रोके जाने का भय नहीं रहेगा। रेलवे द्वारा बनाए गए नए नियम के अनुसार टिकट न होने पर आप टिकट चेकर से डुप्लीकेट टिकट (duplicate ticket) बनवा सकेंगे। टीटी आधार नंबर के जरिए नाम लिस्ट में चेक कर यात्री को डुप्लीकेट टिकट बनाकर दे सकेगा। इसके लिए स्लीपर क्लास की डुप्लीकेट टिकट के लिए 50 रु., थर्ड एसी के लिए 100 रुपए और फस्र्ट और सेकंड एसी के लिए 150 रु. का भुगतान करना होगा।
देनी होगी फीस
भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट indianrail.gov.in पर डुप्लीकेट टिकट बनवाने की प्रक्रिया को विस्तार से बताया गया है. डुप्लीकेट टिकट बनवाने के लिए आपको कुछ अतिरिक्त पैसे शुल्क के रूप में देने पड़ेंगे. सेकेंड और स्लीपर क्लास के लिए डुप्लीकेट टिकट बनवाने के लिए 50 रुपये देने होते हैं. इनसे ऊपर की श्रेणी के लिए के डुप्लीकेट टिकट बनवाने के लिए आपको 100 रुपये शुल्क रेलवे लेता है. अगर रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद कंफर्म टिकट गुम हो जाता है तो किराये का 50 फीसदी भुगतान डुप्लीकेट टिकट बनवाने के लिए करना पड़ता है.
फट जाए टिकट तो भी बनवा सकते हैं डुप्लीकेट
अगर किसी यात्री का टिकट कंफर्म होने के बाद फट गया है तो उसे डुप्लीकेट टिकट किराए का 25 फीसदी भुगतान करने के बाद ही मिलेगी. लेकिन यहां गौर करने वाली बात यह है कि वेटिंग लिस्ट वाली फटी हुई टिकट गुम होने पर आप डुप्लीकेट टिकट नहीं बनवा सकते. अगर आपका खोया ओरिजिनल टिकट मिल जाता है तो आप दोनों टिकटों को ट्रेन छूटने से पहले रेलवे काउंटर पर दिखाकर डुप्लीकेट टिकट के लिए चुकाए वापस ले सकते हैं.
प्लेटफॉर्म टिकट से कर सकते हैं यात्रा
किसी कारणवश बिना टिकट ट्रेन में यात्रा करनी पड़ जाए तो प्लेटफॉर्म टिकट (Platform ticket) बहुत काम आती है. आप ट्रेन में मौजूद टीटीई से संपर्क करें और जहां तक आपको यात्रा करनी है, वहां तक का टिकट बनवा सकते हैं. निर्धारित किराए के साथ पेनल्टी के रूप में कुछ पैसे लेकर टीटीई टिकट बना देगा. प्लेटफार्म टिकट होने पर आपको बिना टिकट पकड़े जाने पर लिया जाने वाला जुर्माना नहीं देना पड़ता है.