वाराणसी में नाविकों ने रोका गंगा क्रूज, वाटर टैक्सी के विरोध में मल्लाह समाज

वाराणसी में विकास के नाम पर पहले काशी-विश्वनाथ गली में छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर असर पड़ा और फिर क्रूज और मालवाहक जहाजों के परिचालन के कारण नाविकों की रोजी रोटी प्रभावित होने लगी तो विरोध स्वाभाविक था। कई बार विरोध प्रदर्शन के लिए नाविक और दुकानदार उग्र भी हुए लेकिन प्रशासन ने हर बार समझा बुझा कर उन्हें शांत कर दिया। गंगा में एक के बाद एक नए और आलीशान क्रूज चलाने के फैसले से मल्लाह समुदाय अपने पारंपरिक पेशे को लेकर स्वाभाविक रूप से आशंकित और खासा आंदोलित है। यही कारण है कि जब गंगा में वॉटर टैक्सी के संचालन का फैसला हुआ तो इसने नाविकों को एक बार फिर आंदोलित कर दिया है। माझी समाज का कहना है कि बार बार ऐसे प्रतिघातों से वे परेशान हैं और अब भी बात न बनी तो ने निर्णायक लड़ाई करने को मजबूर होंगे।

वाराणसी में अस्सी घाट से लेकर राजघाट तक पारंपरिक नावों के संचालन से जीविका कमाने वाला नाविक समाज इस बार कुछ ज्यादा ही आंदोलित है। दरअसल नाविकों की चिंता का कारण सरकार का वह प्रयास है जिसमें बनारस की गंगा में वॉटर टैक्सी चलाने का न सिर्फ प्रस्ताव है, बल्कि इनके संचालन के लिए ट्रायल भी हो चुका है। बनारस में संचालन के लिए दस वॉटर टैक्सियां आ भी चुकी हैं और यही नाविकों के गुस्से का ताजा कारण बनकर उभरा है। नाविकों का कहना है कि अपने प्रस्तावकों में से एक नाविक का प्रस्ताव जोर-शोर से प्रचारित कर, नाविक समाज का समर्थन बटोरने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्षेत्र में अब उन्हीं की सर्वाधिक उपेक्षा हो रही है। नाविकों ने इस बार सबसे पहले 6 जुलाई को अपनी नौकाओं का संचालन पूरी तरह ठप रखा, जिसके बाद स्थानीय विधायक और मंत्री सहित प्रशासन के मान मनौव्वल के बाद कुछ नाविक तो उस दिन मान गए, लेकिन अस्सी समेत कई घाटों के माझियों ने अपनी नावें गंगा में नहीं उतारी।

विरोध की यह ठहरी हुई आग मंगलवार को अचानक तेज हो गई और क्रूज का संचालन न रुकते देख माझी समाज ने विरोध का दूसरा रास्ता अपनाया और शाम को रविदास घाट से चलने वाले तीनों क्रूजों का संचालन रोकने के लिए उनके आसपास नावों से घेराबंदी कर धरना प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। हालांकि पुलिस और प्रशासन के अफ़सरों के आश्वासन पर मंगलवार देर शाम धरना समाप्त तो कर दिया, लेकिन इस विरोध प्रदर्शन के चलते क्रूज का संचालन अंततः नहीं हो सका।

गंगा में वाटर टैक्सी के संचालन को लेकर ‘मां गंगा निषाद राज सेवा न्यास’ से जुड़े नाविक लंबे समय से आंदोलित हैं। नाविकों ने कई दिनों से नौका संचालन ठप कर रखा था। जिसके बाद डीएम एस. राजलिंगम मंगलवार को सुबह 10.50 बजे एडीएम और पुलिस अधिकारियों के साथ दशाश्वमेध घाट स्थित जल पुलिस चौकी पहुंचे। उन्होंने संस्था के अध्यक्ष प्रमोद माझी और हड़ताल में शामिल नाविकों के साथ बैठक कर हड़ताल खत्म करने की अपील की। नाविक बताते हैं कि उन्होंने नाव संचालकों को वॉटर टैक्सी के संचालन के लिए टेंडर का ऑफर भी दिया।

 

 

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