शाहजहांपुर (बीएपी संवाद)। स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय में वाणिज्य संकाय में भारत मे बौद्धिक संपदा अधिकार कानून और व्यवहार के उभरते हुए मुद्दे नामक शीर्षक पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आज भव्य शुभारंभ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. जी सी त्रिपाठी ने स्वामी शुकदेवानंद जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर व पुष्पांजलि अर्पित कर किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ त्रिपाठी ने कहा कि शक्ति का स्वरुप अब इंसान में परिवर्तित हो गया है। और वह स्वरूप बौद्धिक संपदा के एकीकरण, अहंकार रहित विद्या का ज्ञान के रूप में इस ब्रह्मांड को प्राप्त है उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने अपने शरीर को प्रयोगशाला जिससे बौद्धिक संपदा हमारे देश में और पूरे विश्व में विकसित हुई।
प्रयागराज से एस पी एम कॉलेज की प्रो डॉ मंजुला सिंह ने कहा कि जो राष्ट्र अपनी बौद्धिक संपदा का दुरुपयोग करता है वह राष्ट्र कभी भी आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक रूप से उन्नति नहीं कर सकता।
डॉ रानी त्रिपाठी ने कहा की बौद्धिक संपदा दो दैवीय और असुर संपदा में विभाजित है। दैवीय संपदा हमेशा राष्ट्र में सुख और समृद्धि का सूचक होती है और एक असुरी बौद्धिक संपदा यह संपदा हमेशा राष्ट्र में दुख और अहंकार को जन्म देती है।
प्राचार्य डॉ आर के आजाद ने कहा कि हाल ही में भारत ने अपने समग्र अंतर्राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा स्कोर में 38.4 प्रतिशत से 38.6 प्रतिशत तक सुधार किया है और इसके परिणामस्वरूप भारत अंतर्राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा सूचकांक में 55 देशों में से 43वें स्थान पर है।
उप-प्राचार्य व वाणिज्य विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ अनुराग अग्रवाल ने कहा कि भारत बौद्धिक संपदा का सबसे ज्यादा सृजन करने वाला देश है। आजकल युवा व्यवहारिक रूप से पश्चिमी सभ्यता का अनुकरण करते हैं लेकिन उनको भारतीय बौद्धिक संपदा को अपने भीतर विकसित कर देश को आर्थिक रूप से समृद्धशाली बनाने के लिए प्रयासरत होना चाहिए।
बौद्धिक संपदा अधिकार पर प्रकाशित पुस्तक व बीबीए की शिक्षिका महिमा सिंह की स्पर्श पुस्तक का विमोचन किया गया व वाणिज्य विभाग में अच्छे कार्य के लिए डॉ के के वर्मा को सम्मानित किया गया। व 13 प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया गया।
सेमिनार में 2 तकनीकी सत्र चलें प्रथम तकनीकी प्रथम सत्र में बरेली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ तूलिका सक्सेना, अर्थशास्त्र विभाग की डॉ रुचि द्विवेदी, डॉ नरेंद्र कुमार, डॉ राजीव अग्रवाल, डॉ आरएन सिंह डॉ वेदप्रकाश, डॉ श्रवण कुमार सिंह जबकि द्वितीय तकनीकी सत्र में बरेली कॉलेज बरेली के वाणिज्य विभागाध्यक्ष प्रो भूपेंद्र सिंह, डॉ पंकज यादव, डॉ दयाराम प्रो मंजुला सिंह, डॉक्टर जगदीश कुमार वर्मा आदि रहे दोनों तकनीकी सत्रों में लगभग 30 से अधिक शोधपत्र पढ़े गए जिसमें सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र बीकॉम की छात्रा आद्रिका रस्तोगी, आस्था मिश्रा, शिवांगी गुप्ता के शोध पत्रों को बेस्ट पेपर अवार्ड मिला जिसमें 30 से अधिक रिसर्च पेपर पढ़े गए। समस्त अतिथियों को अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
प्रो डॉ अनुराग अग्रवाल के कुशल संचालन में हुए कार्यक्रम का संयोजन डॉ के के वर्मा ने किया। सभी के प्रति आभार डॉ कमलेश गौतम ने व्यक्त किया। इस अवसर डॉ प्रभात शुक्ला, डॉ सुशील शुक्ला, हर्ष पाराशरी, राजेंद्र सिंह राजपूत, डॉ देवेंद्र सिंह, डॉ गौरव सक्सेना, डॉ अजय कुमार वर्मा, डॉ सचिन खन्ना, डॉ संतोष प्रताप सिंह, ब्रजलाली अपर्णा त्रिपाठी, प्रकाश वर्मा प्रतिक्षा मिश्रा डॉ रूपक श्रीवास्तव, यशपाल कश्यप, देव सिंह, दिव्यांश मिश्रा, प्राची मिश्रा, स्नेहा सिंह, आर्ची मिश्रा समेत छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
स्वामी शुकदेवानंद जी के अभिषेक से हुआ मुमुक्षु महोत्सव का
शाहजहांपुर (बीएपी संवाद)। मुमुक्षु आश्रम स्थित मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुमुक्षु महोत्सव का आज शुभारंभ हो गया। यह महोत्सव 3 मार्च तक निरंतर चलेगा। प्रातः 8.00 अमरकंटक मध्य प्रदेश से पधारे महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद सरस्वती ने स्वामी शुकदेवानंद सरस्वती जी का अभिषेक एवं पूजन करके महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर गढ़ से पधारे स्वामी सर्वेश्रानंद सरस्वती, देवभूमि हरिद्वार से पधारे स्वामी अभेदानंद एवं स्वामी धर्मानंद ने भी पूजन अर्चन किया। पूजन कराने वाले ब्राह्मणों में आदेश पांडे, प्रवीण वशिष्ठ, जयंत पाठक, धीरज मिश्रा, मेहुल मिश्रा और लक्ष मिश्रा आदि सम्मिलित थे। महोत्सव के शुभारंभ के उपरांत स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर संकुल की पांचो शिक्षा संस्थाओं के प्राचार्य, शिक्षक बड़ी मात्रा में छात्र छात्राएं एवं जनपद के अनेक श्रद्धालुजन उपस्थित थे।