RBI और सेंट्रल बैंक ऑफ UAE ने साइन किया MoU, रुपया-दिरहम में लेन-देन शुरू करने को लेकर बड़ा समझौता

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सेंट्रल बैंक के बीच शनिवार को स्थानीय मुद्राओं में सीमापार लेनदेन शुरू करने के लिए एक व्यवस्था बनाने और भुगतान एवं संदेश प्रणालियों को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए समझौते किए गए. इस आशय के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर प्रधानमंत्री मोदी की यूएई यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए. एमओयू पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास और यूएई सेंट्रल बैंक के गवर्नर खालेद मोहम्मद बलामा ने हस्ताक्षर किए. इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान भी मौजूद थे.

आरबीआई ने एक बयान में कहा कि ये एमओयू दोनों देशों के केंद्रीय बैंक रुपये और दिरहम का सीमापार लेनदेन में इस्तेमाल बढ़ाने के लिए एक ढांचा खड़ा करने और दोनों देशों की भुगतान प्रणालियों यूपीआई एवं आईपीपी को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए सहयोग करने से संबंधित हैं.

भारत अमेरिकी डॉलर में होने वाले कारोबार पर निर्भरता कम करने के लिए स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन को बढ़ावा देने की कोशिश में लगा हुआ है। इसी क्रम में कई देशों के साथ रुपये में कारोबार शुरू किया गया है. आरबीआई ने कहा, ‘दोनों एमओयू का उद्देश्य निर्बाध सीमापार लेनदेन एवं भुगतान की सुविधा प्रदान करना और दोनों देशों के बीच अधिक आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है.’

इन दो अहम समझौतों पर बनी बात
रिजर्व बैंक ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान में इसे लेकर हुए समझौते की जानकारी दी. रिजर्व बैंक ने कहा कि उसने स्थानीय मुद्राओं यानी भारतीय रुपये और संयुक्त अरब अमीरात के दिरहम में क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए यूएई के सेंट्रल बैंक के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है. इसके अलावा दोनों सेंट्रल बैंकों के बीच पेमेंट व मैसेजिंग सिस्टम को इंटरलिंक करने पर भी समझौता हुआ है.

 

 

More From Author

सुभासपा भी NDA में शामिल

ओमप्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा भी NDA में शामिल, यूपी कैबिनेट में जगह मिलना तय!

गुंडों से परेशान होकर लगाया मकान बेचने का बोर्ड, एक्शन मोड में सरकार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *