Small Savings Schemes Interest Rates : केंद्र ने शुक्रवार को जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर 10-30 आधार अंक बढ़ा दी और अब यह 4 प्रतिशत से 8.2 प्रतिशत तक है। ब्याज दरों में बदलाव की घोषणा आज वित्त मंत्रालय ने की। सरकार हर तिमाही छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों की समीक्षा करती है। सबसे ज्यादा 0.3 फीसदी की बढ़ोतरी पांच साल की आवर्ती जमा में हुई। दूसरी तिमाही के दौरान आवर्ती जमा धारकों को मौजूदा 6.2 फीसदी के मुकाबले 6.5 फीसदी ब्याज मिलेगा। निवेशकों के बीच लोकप्रिय सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) पर मिलने वाले ब्याज में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
ब्याज दरें बढ़ी
वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, डाकघरों में एक साल की सावधि जमा में निवेश करने वालों को 0.1 प्रतिशत अधिक यानी 6.9 प्रतिशत और दो साल की अवधि के लिए 7 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा। तीन साल और पांच साल के लिए सावधि जमा पर ब्याज दरें 7 फीसदी और 7.5 फीसदी पर बरकरार रखी गई हैं। लोकप्रिय पीपीएफ और बचत जमा पर ब्याज दरें क्रमशः 7.1 प्रतिशत और 4 प्रतिशत पर बरकरार रखी गई हैं। राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) पर ब्याज दर 1 जुलाई से 30 सितंबर, 2023 की अवधि के लिए 7.7 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रही। वरिष्ठ नागरिक बचत योजना और किसान विकास पत्र पर ब्याज क्रमश: 8.2 प्रतिशत और 7.5 प्रतिशत रहेगा। राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) पर भी एक जुलाई से 30 सितंबर, 2023 तक के लिये ब्याज को 7.7 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है।
पिछली बार इन योजनाओं में हुई थी बढ़ोतरी
इससे पहले सरकार ने अप्रैल महीने में सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana Interest Rate 2023), सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) और नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) के ब्याज दरों में बदलाव किया था. अप्रैल महीने में सरकार ने नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) के ब्याज दर को 7.0 से बढ़कर 7.7 किया था. वहीं, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (Senior Citizen Savings Scheme Interest Rate) के ब्याज दर को 8.0 से बढ़ाकर 8.2 किया गया था. सबसे लोकप्रिय सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) के ब्याज दरों को 7.6 से बढ़ाकर 8.0 कर किया गया था. इसके अलावा किसान विकास पत्र पर मिलने वाले ब्याज दर को 7.2 (120 महीने) से बढ़ाकर 7.5 (115 महीने) किया गया था.
हर तिमाही संशोधित होती हैं ब्याज दरें
सरकार छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज दरों को हर तिमाही में संशोधित करती है. इससे पहले दिसंबर में सरकार ने इन स्कीम्स पर मिलने वाले ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी. हालांकि उस समय पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) और सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दरें नहीं बढ़ाई गई थीं. इस बार भी PPF के रेट ऑफ इंटरेस्ट में कोई बदलाव नहीं किया गया है.