देश के उत्तरी इलाकों में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन दूसरी ओर पहाड़ी क्षेत्र में तबाही भी मचाई है. बात करें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड की तो यहां पिछले तीन-चार दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन की कई घटनाएं सामने आई है. वहीं, राजधानी दिल्ली में बहने वाली यमुना नदी इस समय खतरे के निशान के ऊपर है. नदी का जलस्तर बढ़ने से कान्हा की नगरी के लोगों को भी चिंता बढ़ गई हैं.
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार जारी बारिश के कारण यमुना में जल स्तर बढ़ने के बाद अब मथुरा में भी यमुना नदी के किनारे पुलिस स्टेशनों को अलर्ट पर रखा गया है. बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और मथुरा में नदी किनारे के सभी पुलिस स्टेशनों को इलाके में निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिए गए है. इस संबंध में मथुरा के एसएसपी शैलेश कुमार पांडे ने मंगलवार को कहा, अन्य एजेंसियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि अगर जलभराव हो तो लोगों को तुरंत निकाला जा सके.
बता दें मंगलवार को ताजेवाला से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया था जो 3 लाख के आंकड़े को पार कर गई है. पानी छोड़े जाने के बाद से नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी देखी जा रही है. पथराला नदी, सोम नदी और अन्य पहाड़ी नदियों, जो कि यमुना की सहायक नदियाँ हैं, के बढ़े हुए जल स्तर के कारण यमुना के जल स्तर में भी अचानक वृद्धि हुई है. इस बीच, दिल्ली में पुराने यमुना पुल पर रेल यातायात मंगलवार को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया क्योंकि पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश के कारण जल स्तर यमुना के खतरे के निशान को पार कर गया था.
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, आज यमुना नदी का जल स्तर खतरे के निशान 205.33 मीटर से थोड़ा ऊपर 206. 24 मीटर तक पहुंच गया. अधिकारियों ने कहा कि उच्च बाढ़ स्तर 207.49 मीटर है. केंद्रीय जल आयोग ने कहा, “यमुना नदी में जल स्तर 205.33 मीटर के खतरे के निशान को पार कर 206.24 मीटर तक पहुंच गया है; उच्च बाढ़ स्तर – 207.49 मीटर है.