ग्रेटर नोएडा: नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। कामयाबी यह है कि पुलिस ने सुखे नशे का कारोबार करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह ग्रेटर नोएडा में बकायदा ड्रग्स तैयार करने की फैक्ट्री चला रहा था।
गिरोह की फैक्ट्री से पुलिस ने 200 करोड रुपए मूल्य की ड्रग्स बरामद की है। नशे के सामान की एक साथ की गई अब तक की यह सबसे बड़ी बरामदगी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नशे के सामान (ड्रग्स)) कि यह फैक्ट्री पकड़ी नहीं जाती तो नशे के सौदागर इतने माल से पूरे नोएडा व ग्रेटर नोएडा को नशेड़ी बना सकते थे।
क्या है पूरा मामला
आपको बता दें कि एसओजी और ग्रेटर नोएडा की पुलिस की टीमों ने मिलकर 300 करोड़ रूपये मूल्य से अधिक की ड्रग्स का जखीरा पकड़ा है। साथ ही ड्रग्स माफिया गिरोह के कई सदस्यों को भी गिरफ्तार किया है। बाकायदा ग्रेटर नोएडा शहर में ड्रग्स तैयार करने की एक फैक्ट्री चल रही थी। नोएडा पुलिस की इस कार्यवाही को उप्र में ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है
पुलिस की इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पूरे प्रदेश के इतिहास में ड्रग्स की इतनी बड़ी खेप एक ही स्थान पर एक साथ पकड़ी गई है। बीटा-दो थाने में आयोजित प्रेसवार्ता में गौतमबुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि सहायक पुलिस आयुक्त ग्रेटर नोएडा प्रथम, स्वाट टीम प्रभारी यतेंद्र कुमार, थाना बीटा—दो प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार, थानाध्यक्ष सुजीत कुमार उपाध्याय और टेक्निकल इंटेलीजेंस की टीम ने सिंथेटिक ड्रग्स के बड़े सिंडीकेट को पकड़ा।