श्रीराम लला को इनकम टैक्स का नोटिस, पूछा- कहां से लाए 1.22 करोड़ की FD

निवाड़ी. आयकर विभाग ने श्री राम को नोटिस थमाया है. विभाग ने ओरछा के विश्व प्रसिद्ध श्रीराम राजा मंदिर प्रबंधन को नोटिस देकर पूछा है कि उसके खाते में 1.22 करोड़ रुपये कहां से आए. इस पर मंदिर प्रबंधन ने जवाब भी दिया, लेकिन आयकर विभाग उससे संतुष्ट नहीं हुआ. इसके बाद आयकर विभाग ने मंदिर के स्वामित्व पर सवाल खड़ा कर दिया. इस पर मंदिर प्रबंधन ने विभाग को बताया कि इसका स्वामित्व सरकार के ही पास है. इस जवाब के बाद विभाग ने मंदिर प्रबंधन को फिलहाल कोई नोटिस नहीं दिया है. निवाड़ी तहसीलदार खुद इस मामले को देख रहे हैं.

जानकारी के मुताबिक, 1.22 करोड़ रुपये का यह मामला साल 2015-16 का है. आयकर विभाग ने इतनी बड़ी रकम जमा होने के बाद 23 मार्च को श्रीराम राजा मंदिर को नोटिस दिया. आयकर विभाग ने मंदिर की बैलेंस शीट, ऑडिट रिपोर्ट, पीएंडएल खाता, आय-व्यय का ब्योरा और अन्य खातों की जानकारी मांगी. इसके जवाब में प्रशासन ने आयकर विभाग को मंदिर के शासकीय होने की जानकारी दी. प्रबंधन ने विभाग को बताया कि वह आयकर श्रेणी से बाहर है. इस पर आयकर विभाग मंदिर प्रबंधन के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ. वह हर बात के पुख्ता प्रमाण मांग रहा है. दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है.

तहसीलदार ने दिया पूरा हिसाब-किताब
तहसीलदार मनीष जैन ने बताया कि वर्ष 2015-16 में मंदिर प्रबंधन की ओर से बैंक में एफडी कराई गई थी एक करोड़ 22 लाख 55 हजार 572 रुपये की. दरअसल, वो पैसा एक खाते से निकालकर एसबीआई के खाते में जमा किया गया था. आयकर विभाग ने इस बात को संज्ञान लिया और 23 मार्च को एक नोटिस जारी किया. इस नोटिस का जवाब हमने 30 मार्च को दाखिल कर दिया था. हमारे जवाब को आयकर ने स्वीकार नहीं किया. उन्होंने मंदिर के संबंध में पूछा है कि इसका स्वामित्व किसके पास है. इसके बाद हमने फिर जवाब भेजा कि मंदिर सरकारी स्वामित्व में है. इस पर आयकर अधिनियम के प्रावधान लागू नहीं होते हैं. यह जवाब आयकर विभाग ने स्वीकार कर लिया. उसके बाद हमारे पास कोई नोटिस नहीं आया.

2010 में भी मिला था नोटिस
वर्ष 2010 में भी आयकर विभाग ने मंदिर को नोटिस जारी किया था. तत्कालीन टीकमगढ़ कलेक्टर ने धर्मस्व विभाग की सूची का हवाला देते हुए बताया था कि मंदिर शासकीय मंदिरों की सूची में 53वें नंबर पर है. प्रशासन ने वर्ष 1999 में धर्मस्व की सूची के अनुसार मंदिर को सरकारी बताया. तहसीलदार जैन का कहना है कि मंदिर को पहले कितने नोटिस मिले उसकी जानकारी नहीं है. बता दें, श्रीराम राजा मंदिर पूरे विश्व में प्रसिद्ध है. उनके दर्शन करने लोग बड़ी संख्या में यहां आते हैं.

 

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