शाहजहांपुर (बीएपी संवाद)। सूफी बुजुर्ग हजरत नेमत शाह वली रहमतुल्लाह अलैह का दो दिवसीय सालाना उर्स आज यहां मोहल्ला ऐमन जई जलालनगर स्थित दरगाह पर अकीदत व मोहब्बत के साथ मनाया गया। कुल की महफिल में कुरआन की आयतें पढ़कर मुल्क की खुशहाली व सलामती की दुआ की गई। साथ ही लोगों से औलिया की तालीम पर अमल करने और नेक बनकर मिसाली जिन्दगी गुजारने पर जोर दिया गया।
रविवार को सुबह नौ बजे कुल शरीफ का आगाज मस्जिद के इमाम मौलाना आदिल रजा नूरी ने तिलावते कुरआन से किया। इसके बाद मुख्य अतिथि शहर पेश इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंजरी ने तकरीर के जरिये लोगों को औलिया-ए-किराम की जिन्दगी के ईमान अफरोज वाक्यात बताते हुए नेक बनने के साथ ही रसूल पाक की सुन्नतों पर अमल करने की ताकीद की। मौलाना रियाज कादरी ने मेराजुन्नबी की फजीलत बयान की। महफिल में शायर शाद फरीदी पीलीभीती, मौलाना तौसीफ रजा, रेहान कादरी, वसीम निजामी, तमजीद रजा, अदीब रजा आदि ने नात व मनकबत पेश की। सलाम-ए-मुस्तफा के बाद शहर पेश इमाम मौलाना मंजरी ने साहिबे उर्स हजरत नेमत शाह वली को ईसाले सवाब करते हुए मुल्क की सलामती और तरक्की की दुआ की। इस दौरान जायरीन ने मजार पर गुलपोशी व चादरपोशी कर दुआएं मांगी। महफिल में हाजी पीर जाकिर अली चिश्ती निजामी, शब्बन खां, मौलाना तसनीम रजा, इरशाद अली एडवोकेट, राशिद हुसैन राही, शाहिद खां, हाफिज इनाम उल्ला, गुलशन खां, इब्राहीम, फहीम बिस्मिल, अमीरुद्दीन, सैयद तसव्वुर, अजहर अली, महबूब हसन, जाहिद हुसैन, फिरोज, असलम खां, मुनव्वर अली, आरिश, अरशद, जक्कू मियां, अशरफ अली, शाहनवाज, कलीम, कमाल, जीशान सकलैनी, इफ्तेखार, रियाजउद्दीन, अब्दुल वाजिद आदि जायरीन मौजूद रहे।