महासमुंद। ग्राम पंचायत कुकराडीह में बिजली विभाग की कथित लापरवाही ने दीपावली की तैयारियों को मातम में बदल दिया। सोमवार दोपहर कंवर समाज के सामाजिक भवन की सफाई के दौरान 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आने से वार्ड क्रमांक-3 की पंच एवं आदिवासी महिला कालंद्री दीवान (35) की मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन की छत के बेहद करीब से गुजर रही बिजली लाइन की ऊंचाई को लेकर विभाग को कई बार मौखिक और लिखित शिकायत की गई थी, लेकिन समय रहते सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
जानकारी के अनुसार, महासमुंद जिला मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर कुकराडीह में सोमवार करीब 12 बजे भाग्यलक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह की 10 सदस्यीय टोली दीपावली को देखते हुए कंवर समाज के सामाजिक भवन की साफ-सफाई के लिए पहुंची थी। इनमें वार्ड क्रमांक-3 की पंच कालंद्री पति दिनेश कुमार दीवान भी शामिल थीं।
कालंद्री भवन की ऊपरी दीवार की सफाई के लिए लोहे की सीढ़ी लगाकर चढ़ी थीं। इसी दौरान भवन की छत के करीब से गुजर रही 11 केवी लाइन की चपेट में आ गई। तेज करंट लगने से कालंद्री सीढ़ी से नीचे जा गिरीं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण उन्हें तत्काल निजी वाहन से महासमुंद लेकर रवाना हुए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई।
बार-बार की गई शिकायत, फिर भी नहीं जागा विभाग- पूर्व सरपंच
पूर्व सरपंच जीवनलाल साहू ने आरोप लगाया कि बिजली लाइन निर्धारित मापदंड से काफी नीचे होने की जानकारी विभागीय अधिकारियों को पहले ही दी जा चुकी थी। उन्होंने कहा कि कई बार लिखित और मौखिक शिकायत के बावजूद बिजली विभाग ने लाइन को सुरक्षित ऊंचाई पर करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि यही अनदेखी सोमवार को एक महिला की जान पर भारी पड़ गई।
बताया गया कि भाग्यलक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह सरकारी राशन दुकान का संचालन करता है। राशन दुकान तक बड़े वाहन नहीं पहुंच पाने के कारण पीडीएस का राशन कंवर समाज के सामाजिक भवन में रखा जाता था। भवन के उपयोग के बदले समाज की ओर से समूह की महिलाओं से दीपावली से पहले भवन की सफाई और पोताई कराने को कहा गया था। इसी के तहत महिलाएं सोमवार सुबह वहां पहुंची थीं।
दो छोटे बच्चों के सिर से उठा मां का साया
कालंद्री दीवान की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है। उनके पीछे पांच वर्षीय बेटी और तीन वर्षीय बेटा है। हादसे के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि लाइन की ऊंचाई और सुरक्षा को लेकर पहले की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई की जाती तो एक परिवार को अपना सहारा नहीं खोना पड़ता।
तुमगांव पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना की जांच शुरू कर दी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुमगांव में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
