चंडीगढ़. शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के अपने रुख पर कायम बीबी जागीर कौर को कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया. जागीर कौर के पार्टी की अनुशासन समिति के सामने उपस्थित होने में विफल रहने के बाद यह कार्रवाई हुई, जिसने चुनाव लड़ने के उनके फैसले के बारे में स्पष्टीकरण के लिए कहा था. तीन बार एसजीपीसी प्रमुख का पद संभाल चुकीं कौर चुनाव लड़ने पर अड़ी हुई हैं.
कभी बादल परिवार की वफादार मानी जाने वालीं कौर ने रविवार को एसजीपीसी के अध्यक्ष चुनाव के लिए अपना एजेंडा पेश किया और शीर्ष गुरुद्वारा निकाय की स्वायत्तता बहाल करने का वादा किया. वह एसजीपीसी चुनाव के लिए पार्टी का उम्मीदवार बनाए जाने के लिए दबाव बना रही थीं. भोलाथ सीट की पूर्व विधायक कौर 1999, 2004 और 2020 में एसजीपीसी प्रमुख रह चुकी हैं. एसएडी की अनुशासन समिति के प्रमुख सिकंदर सिंह मलूका ने कहा कि कौर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अन्य सभी विकल्प खत्म होने के बाद की गई, जिसमें उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई के माध्यम से अपनी बात रखने का अवसर भी दिया गया.
उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी अध्यक्ष द्वारा सभी सदस्यों के विचारों को व्यक्तिगत रूप से जानने के बाद शिअद ने हमेशा एसजीपीसी अध्यक्ष पद के लिए एक उम्मीदवार को आगे बढ़ाकर पंथिक एकता प्रस्तुत करने की मांग की. हम यह समझने में विफल हैं कि बीबी जागीर कौर इसे क्यों बदलना चाहती थीं और सिख समुदाय में भ्रम पैदा कर रही हैं क्योंकि यह केवल पंथ के विरोधी ताकतों की मदद करेगा.’’
मलूका ने कहा कि पार्टी ने उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करने का मौका दिया लेकिन वह जवाब देने में विफल रहीं. मलूका ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारे पास उनके खिलाफ कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था. अनुशासन समिति ने आज उन्हें पार्टी से निष्कासित करने का फैसला किया. पार्टी में उनकी प्राथमिक सदस्यता रद्द कर दी गई है. पार्टी में उनकी सेवाएं अब समाप्त हो गई हैं. पार्टी का अब बीबी जागीर कौर के साथ कोई लेना-देना नहीं है.’’
मलूका ने कहा कि कौर ने तीन महीने पहले एसजीपीसी सदस्यों से संपर्क कर एसजीपीसी चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी थी. उन्होंने कहा कि शिअद के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा और सुरजीत सिंह रखड़ा ने उनसे पार्टी के अनुशासन का पालन करने का आग्रह किया था. मलूका ने कहा, ‘‘शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी उन्हें एसजीपीसी सदस्यों के दृष्टिकोण से अवगत कराया और उन्हें चुनाव लड़ने पर जोर न देने की सलाह दी.’’
मलूका ने कहा कि लेकिन कौर जिद कर रही थी, उन्होंने फोन करना शुरू कर दिया और सदस्यों के साथ मिलकर उनका समर्थन मांगा. मलूका ने दावा किया, ‘‘जब एसजीपीसी सदस्यों की ओर से शिकायत की गई कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा बीबी जागीर कौर के समर्थन के लिए सदस्यों को फोन कर रहे हैं, तो चीजें हाथ से निकल गईं.’’ शिअद ने कौर को ‘‘पार्टी विरोधी’’ गतिविधियों के लिए कारण बताओ नोटिस का जवाब देने और सोमवार दोपहर तक यहां पार्टी मुख्यालय में पेश होने को कहा था. मलूका ने कहा कि हालांकि, वह ऐसा करने के बजाय अनुशासन समिति के गठन पर सवाल उठा रही हैं.
अनुशासन समिति के सदस्य विरसा सिंह वल्टोहा ने एक कथित आॅडियो क्लिप जारी किया, जिसमें दावा किया गया कि अमृतसर के भाजपा नेता एसजीपीसी के एक सदस्य से कह रहे थे कि वह लालपुरा के साथ उनकी बैठक की व्यवस्था करेंगे. शिअद ने पहले ही हरंिजदर सिंह धामी को शीर्ष गुरुद्वारा निकाय के अध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था.
पार्टी द्वारा अपने उम्मीदवार की घोषणा करने का निर्णय भी मतदान के दिन अपने उम्मीदवार के बारे में बताने की परंपरा से पीछे हटने का संकेत था. शिअद ने इससे पहले लालपुरा पर आगामी चुनावों के लिए जागीर कौर की उम्मीदवारी के लिए कथित रूप से समर्थन मांगने को लेकर निशाना साधा था और उन पर एसजीपीसी को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया था.