हिसार. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार और पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के पोते भव्य बिश्नोई ने रविवार को आदमपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस उम्मीदवार जयप्रकाश को हराकर परिवार का गढ़ बरकरार रखा.
भव्य के पिता कुलदीप बिश्नोई के विधायक पद से इस्तीफा देकर कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने के बाद संबंधित सीट पर उपचुनाव की जरूरत पड़ी थी. कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधे चुनावी मुकाबले में भव्य ने जयप्रकाश को 15,740 मतों के अंतर से हराया.
निर्वाचन आयोग के वोटर हेल्पलाइन ऐप के मुताबिक, भाजपा उम्मीदवार को 67,492 वोट मिले जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 51,752 वोट मिले. इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के उम्मीदवार कुरड़ा राम नंबरदार को 5,248 वोट मिले, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) के सतेंद्र ंिसह को 3,420 वोट मिले. दोनों ने अपनी जमानत खो दी क्योंकि वे डाले गए वोटों का छठा हिस्सा हासिल करने में विफल रहे.
कुलदीप बिश्नोई ने आदमपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का धन्यवाद किया. बिश्नोई ने कहा, ‘‘यह (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी जी की नीतियों की जीत है. यह मनोहर लाल खट्टर की कार्यशैली की जीत है, आदमपुर में भजनलाल परिवार के 54 साल पुराने भरोसे की जीत है.’’ हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी आदमपुर क्षेत्र के लोगों का ‘भव्य’ जीत सुनिश्चित करने के लिए आभार व्यक्त किया. खट्टर ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों, जनता के विश्वास और सभी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत की जीत है.’’
हिसार विधानसभा क्षेत्र में तीन नवंबर को हुए उपचुनाव में 76.45 प्रतिशत मतदान हुआ था. आदमपुर सीट पर 1968 से भजनलाल के परिवार का कब्जा है. भजनलाल ने नौ बार, उनकी पत्नी जसमा देवी ने एक बार और कुलदीप ने चार बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया.
कुलदीप बिश्नोई ने सोनाली फोगाट को हराया था. फोगाट ने 2019 के राज्य विधानसभा चुनाव में आदमपुर से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था. फोगाट का इस साल गोवा में रहस्यमयी परिस्थितियों में निधन हो गया था. कांग्रेस ने हिसार से तीन बार के सांसद और दो बार के विधायक पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश को मैदान में उतारा. इनेलो ने कांग्रेस के बागी कुरड़ा राम नंबरदार को उम्मीदवार बनाया जबकि आप ने भाजपा छोड़कर पार्टी में आए सतेंद्र ंिसह को प्रत्याशी बनाया था. मुकाबले में 22 उम्मीदवार (सभी पुरुष) थे. भाजपा और जननायक जनता पार्टी (जजपा) के नेताओं ने कांग्रेस को डूबता जहाज बताया और प्रदेश इकाई में गुटबाजी को लेकर निशाना साधा.