वैशाली हत्याकांड, दादा ने पोते को लाइसेंसी राइफल से मार डाला

वैशाली: वैशाली जिले के चांदपुरा ओपी क्षेत्र के आजमपुर पंचायत में हत्या से सनसनी फैल गई। रास्ते के विवाद को लेकर सेना से सेवानिवृत्त फौजी ने अपने चचेरे पोते की लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर हत्या कर दी। मृत युवक सीआरपीएफ जवान विजय सिंह का दूसरा पुत्र 24 वर्षीय विक्रम कुमार था। घटना में सेना से सेवानिवृत्त गणेश सिंह ने लाइसेंसी राइफल का इस्तेमाल किया। चांदपुरा ओपी की पुलिस ने आरोपी समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया और प्रयोग में लाई गई राइफल भी पुलिस ने जब्त कर ली है।

परिजनों ने बताया कि गणेश सिंह के अपने घर के पास विजय सिंह, रामानंद सिंह से एक कहा 18 धुर जमीन रजिस्ट्री करवाई थी। उसी भूमि पर जबरन गणेश सिंह गुरुवार को सड़क का निर्माण करा रहे थे। जिस पर विजय सिंह के पुत्र मृतक विक्रम कुमार और उसके छोटा भाई बंटी ने सड़क निर्माण करने से रोक दिया। इसी पर गणेश सिंह ने अपनी लाइसेंसी राइफल निकाली और विक्रम कुमार को सड़क निर्माण में बाधा डालने की बात कह गोली मारने की धमकी दी।

सुबह फिर से जब गणेश सिंह के द्वारा रास्ता बनाया जा रहा था और उसे रोकने के लिए मृत युवक विक्रम कुमार और उसके भाई बंटी मौके पर पहुंचे तो गणेश सिंह ने विक्रम कुमार के सीने को निशाना बनाते हुए गोली दाग दी। गोली लगने के बाद विक्रम घायल होकर गिर गया, उसे परिजन इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। विक्रम कुमार की मौत होते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

घटना के बाद परिजनों ने आरोप लगाया है कि चांदपुरा ओपी की पुलिस को गणेश सिंह पर जान मारने की धमकी देने को लेकर कार्रवाई करने के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं ओपीध्यक्ष चंदन कुमार सिंह ने बताया कि धमकी देने के मामले को लेकर फोन किया गया था। सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस पदाधिकारी को भेजकर मामले को शांत करा दिया गया था। इस मामले में आवेदन देने की बात कही गई, लेकिन मृतक के परिवार की ओर से आवेदन नहीं दिया गया।

थानाध्यक्ष ने बताया कि भूमि से संबंधित मामले में दोनों पक्ष की ओर से शांति बनाए रखते हुए किसी प्रकार का कार्य नहीं करने की बात कही गई थी। यह भी कहा गया था कि दोनों पक्ष शनिवार को भूमि-विवाद से संबंधित मामले को लेकर ओपी पर लगने वाले जनता दरबार में उपस्थित होकर मामले का निष्पादन कराएं, लेकिन उससे पहले यह घटना घट गई। उधर, घटना के बाद देसरी, चांदपुरा एवं सहदेई बुजुर्ग ओपी की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आरोपी गणेश सिंह, सुरेश प्रसाद सिंह समेत 5 व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया है। इस दौरान पुलिस ने उसकी बंदूक भी जब्त कर ली है।

मृत युवक विक्रम कुमार तीन भाईयों में दूसरे नंबर पर था। वह स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद घर पर रहकर नौकरी की तैयारी कर रहा था। बड़े भाई विशाल कुमार का विवाह दिसंबर महीने में होने वाला था और घर में खुशी का माहौल था। इसके साथ ही शादी को लेकर तैयारियां भी चल रही थी। जो मातम में बदल गईं। मृत युवक का बड़ा भाई विशाल एसएसबी का जवान है, जबकि छोटा भाई बंटी कुमार अभी पढ़ाई कर रहा है। उसके पिता विजय कुमार सिंह सीआरपीएफ में असम में कार्यरत हैं।

घटना के समय उसका छोटा भाई बंटी भी वहां पर मौजूद था। जब उसने उसे बचाने का प्रयास किया तो उस पर भी राइफल तान दिया गया, जिससे वह भयभीत होकर पीछे हट गया। वहीं इस मामले पर डीएसपी प्रीतीश कुमार ने बताया कि आरोपी के घर अन्य हथियार होने की जानकारी मिलने पर घर की तलाशी लेने का निर्देश दिया गया। इस मामले में मुख्य आरोपी समेत पांच व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया है।

 

More From Author

पाकिस्तान के एयरबेस पर आतंकी हमला, मारे गए 3 दहशतगर्द

4 NOV- 23

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *