संकल्प दिवस की पूर्व संध्या पर
शाहजहांपुर (बीएपी संवाद)। संकल्प दिवस की पूर्व संध्या पर लद्धाख एवं जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र शाहजीपुर की ओर से विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। खिरनीबाग नवादा स्थित विद्यालय में इस विषय पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए एसएस कॉलेज में हिन्दी विभाग के अध्यक्ष डॉ आलोक कुमार मिश्रा ने कहा कि भारत माता की आधी शीश को पाकिस्तान द्वारा धोखे से काट कर शेष भारत से अलग कर दिया गया और जबरिया कब्जे वाले कश्मीर के हिस्से के मूल निवासियों पर इतने जुल्म किए कि आज वहां की जनता एक स्वर से भारत सरकार से तुरंत कार्यवाही की मांग कर रही है। इस अवसर पर डॉ प्रशान्त अग्निहोत्री ने कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर भारत के लिए सांस्कृतिक रूप से अत्यधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की अति प्राचीन मंदिर शारदा शक्ति पीठ उसी जगह पर स्थित है। वहां के भौगोलिक स्थिति के बारे में बोलते हुए अमित त्यागी ने कहा कि उनके कब्जे वाली भूमि की सीमाएं पाकिस्तान, चीन, अफगानिस्तान और रूस से मिलती है जिसके कारण सामरिक दृष्टि से यह क्षेत्र भारत के लिए अत्यधिक संवेदनशील है।
इसी कड़ी में डॉ श्रीकांत मिश्रा, डॉ विजय मिश्र और डॉ अंकित अवस्थी के निर्देशन में बरेली मोड़ पर एक मानव श्रृंखला बनाकर लोगो को संकल्प दिवस के बारे में जागरूक किया गया। इस अवसर पर सांसद अरुण सागर को भारत के प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन दिया गया, और उन्हें अवगत कराया गया कि संसद के दोनो सदनों में एकमत से प्रस्ताव 22 फरवरी 1994 को पारित कर सकल्प लिया गया था कि भारत अपने एक एक इंच भूमि को वापस लेगा परन्तु इतना समय बीत जाने के बाद अभी तक सरकार द्वारा कोई भी गंभीर पहल नहीं किया गया। इस अवसर पर लद्धाख एवं जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र के संयोजक डॉ आलोक सिंह, डॉ शिशिर शुक्ला, महानगर कार्यवाह धर्मेन्द्र कुमार, आशीष वर्मा, राजेश उपाध्याय उपस्थित रहे।