शाहजहांपुर (सूवि)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में दीवानी न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायाधीश भानु देव शर्मा के दिशा निर्देशन में किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का उदघाटन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष भानु देव शर्मा जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मनोज राय पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, अरविन्द्र राय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/नोडल अधिकारी के द्वारा अन्य न्यायिक अधिकारीगण, बैंक अधिकारीगण, अधिवक्तागण व कर्मचारीगण की उपस्थिति में माॅ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर प्रातः 10 बजे किया गया। उदघाटन समारोह का संचालन पीयूश तिवारी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया। उदघाटन समारोह के उपरांत जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा जनपद न्यायालय का निरीक्षण करते हुये विभिन्न बैंकों द्वारा लगाये गये पंडालों में उपस्थित बैंक अधिकारीगण का उत्साहवर्धन किया गया। इस लोक अदालत में परिवार न्यायालय से 4 वैवाहिक जोड़ों को साथ-साथ रहने के लिये न्यायालय से विदा किया गया।
जनपद न्यायालय में कुल 5616 वादों का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त बैंक के प्री-लिटिगेशन के 1377 वादों का निस्तारण कर रू0 97006000 ( नौ करोड़ सत्तर लाख छह हजार रूपये) में समझौता कराया गया तथा राजस्व विभाग द्वारा 9709 वादों का पुलिस चालान 2804, उपभोगता फोरम 03 वादों का निस्तारण किया गया। इस प्रकार कुल 19509 वादों का निस्तारण किया गया।
मनोज कुमार राय पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 54 एम0ए0सी0टी0 व 39 अन्य वादों का निस्तारण कर अंकन 30182000/- रू0 प्रतिकर दिलाये जाने का आदेश पारित किया गया। अरविन्द राय अपर जिला जज कोर्ट सं0 01 द्वारा 13 फौजदारी वादों व 01 सिविल वाद का निस्तारण कर अंकन 36250/-अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये जाने का आदेश किया गया। अखिलेश कुमार पाठक अपर जिला जज कोर्ट सं0 02 द्वारा 43 अन्य वादों का निस्तारण किया गया। श्रीमती प्रीती सिंह अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय द्वारा 37 वैवाहिक वादों का निस्तारण किया गया। एहसान हुसैन, अपर जिला जज कोर्ट संख्या 03 द्वारा 02 फौजदारी वाद का निस्तारण कर अर्थदण्ड के रूप में 8000/-वसूल किये जाने का आदेश पारित किया गया। आलोक कुमार शुक्ला अपर जिला जज कोर्ट संख्या 04 द्वारा 268 विद्युत वादों का निस्तारण व 02 अन्य वादों का निस्तारण कर अंकन 1000 वसूल किये जाने का आदेश पारित किया गया। पिंकू कुमार, अपर जिला जज कोर्ट संख्या 08 द्वारा 19 फौजदारी वादों का निस्तारण कर अर्थदण्ड के रूप में 25600/- वसूल किये जाने का आदेश किया गया। सिद्वार्थ कुमार वागव, अपर जिला जज कोर्ट संख्या 05 द्वारा 2 फौजदारी व 2 सिविल वादों का निस्तारण किया गया। अपर्णा त्रिपाठी, अपर जिला जज कोर्ट सं0 43 द्वारा 03 सिविल वाद व 04 अन्य वाद का निस्तारण कर 2000/- वसूल किये जाने का आदेश किया गया।
आनन्द प्रिय गौतम मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या 14 द्वारा फौजदारी के 883 वादों का निस्तारण कर अंकन 290680 रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये जाने का आदेश किया गया। हितेश अग्रवाल सिविल जज सी0डि0 कोर्ट संख्या 19 द्वारा 42 सिविल वादों का निस्तारण कर अंकन 9714380 उत्तराधिकार के रूप में दिलाया गया। शिल्पी चैहान अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम कोर्ट संख्या 16 द्वारा 537 फौजदारी वादों का निस्तारण कर अंकन 72870रू0 दिलाये जाने का आदेश किया गया। आशुतोष तिवारी अपर सिविल जज सी0डि0 कोर्ट संख्या 44 द्वारा 09 सिविल वादों का निस्तारण कर अंकन 3310271 उत्तराधिकार के रूप में दिलाया गया। आरती द्विवेदी ए0सी0जे0एम0 द्वितीय कोर्ट संख्या 17 द्वारा 02 सिविल वादों, 77 फौजदारी व 430 अन्य वादों का निस्तारण कर अंकन 171140 रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये जाने का आदेश किया गया। असमा सुलताना ए0सी0जे0एम0 तृतीय कोर्ट सं0 15 द्वारा 502 फौजदारी व 26 अन्य वादों का निस्तारण कर अंकन 24220 रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये जाने का आदेश किया गया। जुलकरनैन आलम सिविल जज सी0डि0/एफ0टी0सी0 कोर्ट संख्या 20 द्वारा 27 फौजदारी वादों, 506 अन्य वादों का निस्तारण किया गया। प्रवीन कुमार सिविल जज सी0डि0/एफ0टी0सी0 कोर्ट संख्या 27 द्वारा 14 सिविल व 04 अन्य वादों का निस्तारण कर अंकन 995086 उत्तराधिकार के रूप में दिलाया गया। मीनल चावला अपर सिविल जज जू0डि0 कोर्ट सं0 26 द्वारा 150 फौजदारी 01 एन0आई0एक्ट व 03 सिविल वाद का निस्तारण कर अंकन 5500 रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये जाने का आदेश किया गया। अंजीता सिंह चैहान अपर सिविल जज जू0डि0 कोर्ट सख्या 31 द्वारा 274 फौजदारी वादों व 01 सिविल वाद का निस्तारण कर अंकन 14440 रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये जाने का आदेष किया गया। शिवानी न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय कोर्ट सं0 33 द्वारा 08 फौजदारी वाद 217 अन्य वादों का निस्तारण कर अंकन 30060 रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये जाने का आदेश किया गया। राजीव कुमार पाल अपर सिविल जज जू0डि0 कोर्ट संख्या 37 द्वारा 09 एन0आई0एक्ट, 03 सिविल वादों, 97 अन्य वादों का निस्तारण कर अंकन 5750 रु0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये जाने का आदेश किया गया। संगीता अपर सिविल जज जू0डि0 कोर्ट सं0 38 द्वारा 05 एन0आई0एक्ट, 04 सिविल व 67 अन्य वादों व 07 फौजदारी वादों का निस्तारण कर अंकन 15750 स्0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये जाने का आदेश किया गया। आशीषानन्द अपर सिविल जज जू0डि0 कोर्ट संख्या 40 द्वारा 15 अन्य वादों का निस्तारण कर अंकन 10000 रु0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये जाने का आदेश किया गया। सक्षम शेखर सिविल जज जू0डि0 एफ0टी0सी0 कोर्ट संख्या 41 द्वारा द्वारा 14 वैवाहिक, 01 एन0आई0एक्ट, व 88 अन्य वादों का निस्तारण कर अंकन 11450/- अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये जाने का आदेश किया गया। नूतन सिविल जज जू0 डि0 एफ0टी0सी कोर्ट संख्या0 39 द्वारा 01 सिविल वाद का निस्तारण किया गया। निर्दोश जौहरी स्पेशल जे0एम0 प्रथम द्वारा 41 अन्य वादों का निस्तारण कर अंकन 30600/- अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये जाने का आदेश किया गया। विभुभू कान्त बाजपेयी स्पेशल जे0एम0 द्वितीय द्वारा 21 अन्य वादों का निस्तारण कर अंकन 15100/- अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये जाने का आदेश किया गया।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त स्टाॅफ का विशेश सहयोग रहा।