शाहजहांपुर (बीएपी संवाद)। संयुक्त निदेशक क्षय लखनऊ के आदेश में वर्णित आदेश के क्रम में जीएफ कॉलेज में टीवी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजन का शुभारंभ प्रधानाचार्य डॉ0 मोहम्मद तारिक जी0एफ0 कॉलेज द्वारा किया गया। सिद्धार्थ गुप्ता जिला कार्यक्रम समन्वयक राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप 2025 तक हम सभी की जन सहभागिता के साथ टीवी को अपने समाज से मुक्त कराना है, और जो भी टीवी के लक्षणों वाला रोगी समाज में दिखता है, उसको तुरंत जांच हेतु नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर भेजा जाना है इस क्रम में रंजीत कुमार जिला समन्वयक द्वारा टीवी के लक्षण बचाव एवं उसके रोकथाम के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि 2 सप्ताह से खांसी का आना, खांसी के साथ बलगम में खून का आना, सीने में दर्द का बना रहना, लगातार बुखार बना रहना, रात में पसीना आना इत्यादि लक्षण है, यदि किसी में व्यक्ति में ऐसे लक्षण मिलते हैं तो हमको शक करना चाहिए कि वह मरीज टीवी का हो सकता है, उसको तुरंत जांच हेतु स्वास्थ्य केंद्र पर भेजना चाहिए। खाते पीते समय हमेशा मुंह पर कपड़ा रखना चाहिए, टीवी विशेषकर फेफड़े की सबसे खतरनाक होती है, फेफड़े की टीवी का रोगी 1 साल में अपने जैसा 12 से ज्यादा रोगी बना सकता है। इसलिए समाज में अपने आसपास जो भी व्यक्ति ऐसा मिले जिसमें टीवी के लक्षण दिखाई पड़ रहे हो तो उसे तुरंत जिला चिकित्सालय अथवा स्वास्थ्य केंद्र को जांच हेतु भेजना चाहिए। सुभाष खन्ना वरिष्ठ लाइव सुपरवाइजर द्वारा बताया गया कि टीवी का इलाज 6 माह तक पूर्ण रूप लें, सारी दवाइयां सरकार की तरफ से निशुल्क हैं, और इलाज के दौरान प्रतिमाह मरीजों को ₹500 पोषण भत्ता इलाज पूर्ण होने तक निश्चय पोषण योजना के अंतर्गत मरीजों को दिया जाता है। इस कार्यक्रम में एन0सी0सी0, एन0एस0एस0 एवं जीएफ कॉलेज के छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम को सफल बनाने मे डॉक्टर मोहम्मद सुहेब एन0एस0एस0प्रभारी, डॉ0 दरबख्त बी0 एनएसएस प्रभारी, डॉक्टर कौशल जमाल एनएसएस प्रभारी, डाक्टर इमरान एनसीसी प्रभारी, जिला प्रभारी डॉ स्वप्निल यादव बाय टेक के हेड का महत्वपूर्ण योगदान रहा।