शाहजहांपुर (बीएपी संवाद)। अगर शुरुआती दौर में ही कैंसर की जांच करा लिया जाए तो इसका इलाज निश्चित रूप से संभव हैलेकिन लोग शुरुआती दौर में होने वाले लक्षणों को नजरंदाज करते हैं और यह बीमारी धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लेती है। यदि व्यक्ति शुरुआती दौर में सचेत रहे तो समय रहते इस बीमारी का इलाज संभव है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गोविन्द स्वर्णकार ने बताया कि राष्ट्रीय कार्यक्रम एन.पी.सी.डी.एस. के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका मुख्यतः उद्देश्य कैंसर के प्रति आम जनमानस में जागरूकता पैदा कर इससे होने वाली मौतों को कम करना है।
उन्होंने बताया कि सभी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, अधीक्षक जिला चिकित्सालय (पुरुष/महिला) और समस्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजकर जनमानस को कैंसर होने के कारण तथा इसके उत्तरदायी कारको के प्रति जागरूक करने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। सीएचसी और पीएचसी स्तर पर गोष्ठी का आयोजन कर लोगो में कैंसर के प्रति जागरूकता लाने के लिए पंपलेट का वितरण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि विश्व कैंसर दिवस की इस बार की थीम ‘क्लोज द केयर गैप’ रखी गई है। कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचने के लिए सावधानी व सतर्कता जरूरी है।
उन्होंने बताया कि कैंसर ऐसी स्थिति है जो शरीर में असामान्य कोशिकाओं के बढ़ने से उत्पन्न होती है। अगर व्यक्ति को इसमें से कोई भी संकेत दिखाई पड़ते हैं तो बिना देरी किए नजदीकी सरकारी अस्पताल जाकर जांच कराए। उन्होंने अपील की कि लोग तंबाकू, गुटका और सिगरेट आदि के सेवन से बचें, ताकि स्वस्थ रह सकें। कैंसर शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है और यह एक हिस्से से दूसरे हिस्से में बड़ी ही आसानी से फैल जाता है।
.लक्षण
तीन हफ्ते से अधिक समय तक मुंह या जीभ पर घाव
तीन सप्ताह से अधिक लगातार खांसी या आवाज कर्कश होना
भोजन निगलने में लगातार असुविधा या बदहजमी
मूत्र विसर्जन में कठिनाई या मूत्र में रक्तस्राव
शौच में रक्तस्राव
स्तन में सूजन या कड़ापन या खिंचाव
मुंह में घाव या छाला जो जल्दी ठीक न हो
मुंह में गिल्टी का होना जो अचानक बढ़ने लगे
मुंह का पूरा न खुल पाना
.महिलाओं में होने वाले कैंसर
स्तन कैंसर- स्तन में किसी प्रकार की गिल्टी का होना, स्तन से पानी या खून का बहना, स्तन के आकार में बदलाव का होना
बच्चेदानी का कैंसर – महावारी की उम्र पार करने के बाद असामान्य खून का बहना, संबंध बनाने के बाद खून का बहना, असमय महावारी का आना