मोबाइल कारोबारी की हालत स्थिर बनी हुई है

शाहजहांपुर (बीएपी संवाद)। चैक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मघईटोला निवासी मोबाइल कारोबारी संजय अग्रवाल ने बुधवार को जहर खा लिया। उन्हें गंभीर हालत में राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।
पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने उद्यमी प्रदीप अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संजय के भाई नरेश अग्रवाल ने थाने में तहरीर देकर उद्यमी प्रदीप अग्रवाल पर धमकाने का आरोप लगाया है। संजय की पत्नी हेमा अग्रवाल भाजपा महिला मोर्चा की महानगर महामंत्री हैं।
बुधवार सुबह संजय अग्रवाल ने अपने आवास पर जहरीला पदार्थ खा लिया। इससे पहले उन्होंने अपने करीबी दोस्तों को फोन कर बुलाया था। मित्रों के सामने ही उनकी तबीयत बिगड़ गई। उल्टी और मुंह से झाग आने पर तुरंत उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। यह खबर सुनकर तमाम लोग अस्पताल पहुंच गए। भाजपा के महानगर अध्यक्ष अरुण गुप्ता, वैभव खन्ना, व्यापारी नेता किशोर गुप्ता, डॉ. रवि मोहन, सुचित किशोर सेठ आदि अस्पताल पहुंच गए।
संजय के भाई नरेश अग्रवाल ने उद्यमी प्रदीप अग्रवाल पर रुपयों के लेन-देन को लेकर रंजिश मानने और धमकाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। नरेश के मुताबिक इसी से आहत होकर संजय ने जहर खा लिया। पुलिस ने मामले में अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। शाम को मजिस्ट्रेट ने अस्पताल में पहुंचकर संजय के बयान दर्ज किए हैं।
संजय और प्रदीप अग्रवाल के रिश्तों में डेढ़ एकड़ जमीन के सौदे से खटास आई है। संजय के भाई नरेश ने बताया कि चार साल पहले मिश्रीपुर स्थित प्लॉट का सौदा कुनाल अग्रवाल व प्रदीप अग्रवाल से दो करोड़ रुपये में हुआ था। जमीन पर प्लॉटिंग कर मुनाफे को तीनों में बराबर बांटा जाना था। इसके बाद 17 फरवरी 2023 को कुनाल के नाम पर दुकान और प्लॉट कर दिया।
इस बात से प्रदीप नाराज हो गए। नरेश ने बताया कि प्रदीप उनसे 11 लाख रुपये मांग रहे थे। रुपये के बदले मकान नाम करने का दबाव बना रहे थे। आरोप है कि मंगलवार रात रोशन गंज निवासी प्रदीप अग्रवाल व अमित आठ-दस लोगों को लेकर घर में घुस आए। इन लोगों ने प्लॉट के बदले 11 लाख रुपये न देने पर जान से मारने की धमकी दी। इससे परेशान होकर संजय ने सुबह नौ बजे जहर खा लिया।
संजय अग्रवाल के तकिये के नीचे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। तीन पेज के सुसाइड नोट में लिखा है- ‘ऐसा जीवन किसी काम का नहीं, जो जलालत से भरा हो। प्रदीप ने केवल हमें ही नहीं, पूरे परिवार को जलील किया है। यह सहन नहीं कर सकता। अब जीवन व्यर्थ है। उन्होंने पत्नी हेमा अग्रवाल के लिए लिखा है कि वह उन्हें कोई सुख नहीं दे पाएं। आकाश, अंकुर बहुत समझदार हैं। उनका ध्यान रखना। उनकी जिम्मेदारी तुम पर है। मैं नाकाम हो गया। भाई साहब का भी ध्यान रखना। मेरी वजह से बहुत परेशानी हुई। उसके लिए माफ करना।
सदर बाजार थाने के सामने संजय का वंदना एक्सक्लूसिव के नाम से मोबाइल शोरूम था। प्लॉट और शोरूम दोनों ही संजय ने कुनाल अग्रवाल को बेच दिया था। पिछले सप्ताह दुकान खाली भी करा ली गई थी।
प्रदीप अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने कुनाल अग्रवाल, विनय अग्रवाल, नरेश अग्रवाल और संजय अग्रवाल के साथ मिलकर जमीन खरीदी थी। जमीन संजय की थी। वह उसे बेचकर साझेदार हो गए थे। इसके लिए सजंय को 25 लाख रुपये दिए थे। प्रदीप का आरोप है कि संजय ने साझे की जमीन को बिना उन्हें बताए बेच दिया। जमीन दो करोड़ 40 लाख रुपये की बिकी थी। प्रदीप का कहना है कि वह संजय से अपना हिस्सा हम मांग रहे थे।
संजय ने उन्हें सिर्फ 14 लाख रुपये भेजे थे, जो उन्होंने नहीं लिए। मंगलवार दोपहर उन्होंने संजय को करीब 80 कॉल कीं। उन्होंने फोन नहीं उठाया। शाम को संजय के आवास पर पहुंचे तो संजय व उनके भाई नरेश आक्रामक हो गए। असलहे भी दिखाए। तब हमने समाज और व्यापार से जुड़े लोगों को बुलाया। रुपये न देने के लिए संजय ने यह कदम उठाया है।
जमीन के विवाद को लेकर कोई ऐसी चीज संजय ने खाई, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ी है। नरेश अग्रवाल की ओर से तहरीर आई है। मामले की जांच कराकर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। – अखंड प्रताप सिंह, सीओ सिटी

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