नई दिल्ली, एजेंसीI संसद में नये वित्त वर्ष के लिए सर्वांगीण विकास और मजबूत बजट के पेश होते ही उत्साहित निवेशकों की चौतरफा लिवाली की बदौलत आज सेंसेक्स ने 1200 अंकों की छलांग लगा कर दिनभर के उच्च स्तर 60773 पर पहुंच गया। निफ्टी भी 300 से अधिक अंकों की उछाल के साथ 17972 के स्तर पर पहुंच गया।
बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1188.61 अंक अर्थात दो प्रतिशत की उड़ान भरकर 60 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार 60778.51 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 287.05 अंक यानी 1.63 प्रतिशत की छलांग लगाकर 17949.20 अंक पर पहुंच गया।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 451 अंक की तूफानी तेजी लेकर 60001.17 अंक पर खुला और दमदार लिवाली की बदौलत 60730.40 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। हालांकि बिकवाली के दबाव में 59807.68 अंक के निचले स्तर पर भी रहा। इसी तरह निफ्टी 149 अंक चढ़कर 17811.60 अंक पर खुला और अभी तक के सत्र के दौरान 17967.60 अंक के उच्चतम जबकि 17731.65 अंक के निचले स्तर पर भी रहा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2023-24 में वेतनभोगी कर्मचारियों को लुभावने वाले प्रावधान के तहत नयी कर व्यवस्था में सात लाख वार्षिक आय को आयकर से पूरी तरह मुक्त किया है। पुरानी व्यवस्था में तीन लाख की आय को कर मुक्त रखा गया है।
सीतारमण ने आयकर की स्लैब की संख्या को भी पांच करने की घोषणा की जिसके तहत शून्य से तीन लाख की आय स्लैब पर कोई कर नहीं लगेगा, तीन से छह लाख तक कर की दर पांच प्रतिशत, छह से नौ लाख रुपए तक 10 प्रतिशत, नौ से 12 लाख रुपए तक 15 प्रतिशत और 12 से 15 लाख रुपए वार्षिक आय के स्लैब पर 20 प्रतिशत आयकर लगाया जाएगा। इसके अलावा 15 लाख से ऊपर वार्षिक आय तीस प्रतिशत के कर के दायरे में आयेगी।
वित्त मंत्री ने नयी कर व्यवस्था को आम कर दाताओं के लिए आकर्षक बनाने का प्रयास किया गया है ताकि पुरानी व्यवस्था को छोड़कर नयी व्यवस्था को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। मोटी आय वाले कर दाताओं पर अधिकतम प्रभावी कर की दर 42.7 प्रतिशत से घटकर 39 प्रतिशत कर दी गयी है।
सीतारमण ने दीर्घावधि कर की दरें नहीं बढ़ाई है जिससे शेयर बाजारों में उत्साह देखा गया और बंबई शेयर बाजार का सूचकांक कारोबार के दौरान करीब एक हजार अंक उछल गया था। अग्निवीरों के लिए कोष को तिहरी छूट देने की घोषणा की गयी है। अग्निवीर कोष में निवेश, निवेश पर आय और निवेश की निकासी के समय तीनों चरणों में कर छूट दी जाएगी।