नई दिल्ली: आज संसद के सत्र के दौरान दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार संशोधन अध्यादेश और इससे संबंधित बिल का मुद्दा प्रमुखता से उठेगा और सरकार एवं विपक्ष के बीच इस पर तकरार होने के आसार हैं. अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) दिल्ली में नौकरशाहों की तैनाती और तबादलों से जुड़े उस अध्यादेश का विरोध कर रही है, जिसे केंद्र सरकार ने मई में जारी किया था. AAP का कहना है कि संविधान संशोधन के विषय को अध्यादेश के जरिये कैसे पारित किया जा सकता है? दिल्ली की दो करोड़ जनता के अधिकारों को कुचलने का और केजरीवाल सरकार को नहीं चलने देने का पार्टी जमकर विरोध करेगी.
गृह मंत्री अमित शाह आज लोकसभा में विवादित दिल्ली सेवा विधेयक को पेश कर सकते हैं। ऐसे में दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर पोस्टिंग से जुड़े आदेश से संबंधित बिल को लेकर विपक्ष भारी हंगामा कर सकता है।
अब विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का हिस्सा बन चुके दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अध्यादेश के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है. कांग्रेस और दूसरे अन्य विपक्षी दल भी अध्यादेश के विरोध में उतर आए हैं. लोकसभा के मंगलवार के कामकाज की संशोधित सूची के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली अध्यादेश विधेयक पेश करेंगे, जबकि उनके डिप्टी नित्यानंद राय अध्यादेश जारी करके ‘तत्काल कानून’ लाने के कारणों पर एक बयान देंगे.