सरकारी अस्पताल, ऑपरेशन के बाद 18 लोगों ने गंवाई आंखों की रोशनी

राजस्थान के जयपुर स्थित सवाई मान सिंह अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद करीब 18 लोगों के आँख की रोशनी  चली गई. सभी पीड़ितों को पिछले महीने ही एसएमएस सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था जहां इनका कैटेरेक्ट का ऑपरेशन किया गया था. गौरतलब है कि इसमें से अधिकांश लोगों का ऑपरेशन राज्य सरकार की ‘चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना’ के तहत हुआ था. मालूम हो कि ‘चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना’ अशोक गहलोत सरकार की सबसे पसंदीदा योजनाओं में से एक है.

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार कुछ मरीजों को ऑपरेशन के बाद आंखों मे तेज दर्द और जलन की शिकायत हुई जिसके बाद वो दोबारा अस्पताल पहुंचे जहां उन्हें दोबारा भर्ती कर लिया गया. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि उनका तीन बार ऑपरेशन किया गया. जब दो हफ्ते बाद भी लोगों के आँखों की रोशनी वापस नहीं आई तब लोगों ने सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई. वहीं इस मामले पर राज्य सरकार  में स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा  ने कहा कि इस मामले में डॉक्टर्स की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है.

एक मरीज ने कहा, “23 जून को मेरा ऑपरेशन हुआ था और 5 जुलाई तक आंखों की रोशनी थी, सब कुछ दिखाई दे रहा था लेकिन 6-7 जुलाई को आंखों की रोशनी चली गई. जिसके बाद दोबारा ऑपरेशन किया गया लेकिन आंखों की रोशनी वापस नहीं आई. मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि फिलहाल ऑपरेशन करना मरीजों के स्वास्थ्य के लिहाज से उचित नहीं है. बैक्टीरियल इंफेक्शन स्यूडोमोनास के फैलने के बाद ऑपरेशन थियेटर से 60 सैम्पल जांच के लिए लेकर भेजे गए हैं. जांच रिपोर्ट आने तक ऑपरेशन नहीं करने का निर्णय लिया गया है. मरीजों के धुंधला दिखने की शिकायत करीब दस दिन पुरानी है, लेकिन यह मामला अब सार्वजनिक हुआ है.

वहीं इस मामले पर राजस्थान सरकार में स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि इस मामले में डॉक्टर्स की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है. बता दें ‘चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना’ अशोक गहलोत सरकार की सबसे पसंदीदा योजनाओं में से एक है.

More From Author

साउथ अफ्रीका से लाए गए एक और चीते की मौत, घंटों बेहोश रहने के बाद ‘तेजस

दिल्ली में खतरे के निशान के पार यमुना , मथुरा पुलिस अलर्ट पर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *