नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SCO शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, पिछले 2 दशक में SCO पूरे एशियाई क्षेत्र में शांति, समृद्धि और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा है। हमने हमारे प्रयासों को दो मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित किया है, पहला वसुधैव कुटुम्बकम और दूसरा सिक्योर यानि सिक्योरिटी, इकोनॉमिक डेवलपमेंट व अन्य हमारे SCO का विजन है। भारत ने इस दृष्टिकोण के साथ SCO में सहयोग के 5 नए स्तंभ बना हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, SCO मंत्रीस्तर की बैठक में हमने मिल कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ तैयार किए हैं। इनसे हमने अपने सहयोग में नए और आधुनिक आयाम जोड़ रहे हैं। वैश्विक स्थिति एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर है, विवादों, तनावों और महामारी से घिरे विश्व में फूड, फ्यूल और फर्टिलाइजर क्राइसिस सभी देशों के लिए एक बड़ी चुनौती है। हमें मिलकर यह विचार करना चाहिए कि क्या हम एक संगठन के रूप में हमारे लोगों की अपेक्षाओं का सामना करने में सक्षम हैं? इस विषय में भारत SCO में सुधार और आधुनिकीकरण का समर्थन करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने एससीओ के भीतर सहयोग के पांच स्तंभ स्थापित किए हैं। स्टार्टअप और नवाचार, पारंपरिक चिकित्सा, युवा सशक्तिकरण, डिजिटल समावेशन और साझा बौद्ध विरासत। पिछले दो दशकों में, एससीओ पूरे यूरेशिया क्षेत्र में शांति, समृद्धि और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है। इस क्षेत्र के साथ भारत के हजारों साल पुराने सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के संबंध हमारी साझा विरासत का जीवंत प्रमाण हैं।’