नई दिल्ली। भीषण गर्मी के बीच आज से नवतपा शुरू हो गया है। इस दौरान गर्मी अपने सातवें आसमान पर होती है और ऐसा इसलिए होता है कि सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती है। नौतपा क्षत्र में सूर्य 15 दिन के लिए प्रवेश करेंगे और शुरुआत के 9 दिन लोगों को बहुत ही तेज गर्मी का सामना करना पड़ेगा। नौतपा आज से शुरू होकर 8 जून तक रहेगा।
पंडित प्रमोद मिश्रा ने न्यूज18 से बातचीत में कहा, ‘नौतपा एक देसी भाषा है कि 9 दिन सूर्य तपते हैं और सबसे ज्यादा तपते हैं, लेकिन इस बार यह प्रकोप 15 दिन का है जो 25 मई रात को 8:58 से शुरू होगा और 8 जून तक रहेगा। जब सूरज और चांद रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब नौतपा की शुरुआत होती है। डॉक्टर वली ने कहा कि हर साल मौलिक दृष्टि से मौसम बदलता है।
ग्लोबल वॉर्मिंग और तापमान जिस तरीके से बढ़ रहा है इससे ज्यादा खतरा हो सकता है इसलिए जरूरी है कि लोग ज्यादा से ज्यादा ध्यान दें। उन्होंने कहा कि गर्मी से बचने का बेहतरीन तरीका है घर में रहना। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है वैसे ही हीट स्ट्रोक होता है, गर्मी से लू लगती है। कुछ लोग बेहोश हो जाते हैं। हार्ट पर भी असर होता है। उन्होंने कहा कि आजकल जो फल आ रहे हैं उनका सेवन करें। तरबूज और गन्ने का रस पीएं। ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं ।
नौतपा कब से कब तक
भविष्यवक्ता व्यास जी बताते हैं कि, नौतपा हर बार मई-जून महीने के बीच ग्रीष्म ऋतु में आती है. इसबार सूर्य देव गुरुवार 25 मई को रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. रोहिणी नक्षत्र में गोचर करने के बाद सूर्य 8 जून को दूसरे नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. इस तरह इस साल सूर्य ग्रह रोहिणी नक्षत्र में 15 दिन तक रहेंगे. धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, चंद्र देव रोहिणी नक्षत्र के स्वामी हैं और शीतलता के कारक हैं. ऐसे में जब सूर्य रोहिणी में गोचर करते है तो उस नक्षत्र को भी अपने प्रभाव में ले लेते हैं. इस वजह से पृथ्वी को शीतलता भी नहीं मिल पाती. ऐसे में तापमान बढ़ने लगता है और गर्मी काफी बढ़ जाती है. नौतपा का उल्लेख ज्योतिषीय सूर्य सिद्धांत और श्रीमद् भागवत में भी मिलता है.