प्रयागराज : माफिया अतीक अहमद अपने बेटे असद की अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हो पाएगा। अतीक को कोर्ट से जनाजे में जाने की अनुमति नहीं मिली है। बता दें कि जब अतीक के बेटे असद एनकाउंटर की खबर उस समय मिली, जब वह प्रयागराज के कोर्ट रूम में मौजूद था। इसी समय झांसी में असद और गुलाम हसन का एनकाउंटर किया गया।
खबरों के मुताबिक, असद की बॉडी को लेने के लिए उसके नाना हारून और मौसा डॉक्टर उस्मान झांसी जा सकते हैं। असद और गुलाम के मारे जाने के बाद उनका शव झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में रखा है। मेडिकल कॉलेज के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।
यूपी पुलिस के स्पेशल डीजी (लॉ ऐंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा कि झांसी में गुरुवार को यूपी STF की एक टीम ने जब मोटरसाइकिल से भागने की कोशिश कर रहे असद और गुलाम को रोका, तो दोनों ने उन पर गोलियां चलाईं। उन्होंने बताया कि एसटीएफ की जवाबी कार्रवाई में असद और गुलाम मारे गए। ये दोनों ही उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी थे। गौरतलब है कि 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी।
बता दे कि अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ को गुरुवार सुबह प्रयागराज के सीजेएम कोर्ट में लाया गया, यहां तक कि उमेश पाल हत्याकांड में वांछित अतीक अहमद के बेटे असद और उसके सहयोगी गुलाम को गुरुवार को झांसी में विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मुठभेड़ में मार गिराया। उनमें से प्रत्येक पर 5 लाख रुपये का इनाम था और पुलिस ने दावा किया कि विदेशी निर्मित हथियार बरामद किए गए हैं।
28 मार्च को अतीक अहमद को एक एमपी-एमएलए अदालत ने दोषी ठहराया और अब मृत उमेश पाल के अपहरण मामले में कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।