महीने पहले से ही रहती थी होली की धूम

शाहजहांपुर (बीएपी संवाद)। हुलिया में उड़े रे गुलाल…गाने की धूम तो होली के एक महीने पहले से ही रहती थी। स्कूल, कालेज से निकलते छात्र और छात्राएं लाल, पीले, हरे, नीले रंग में पुते हुए दिखते थे। जगह जगह होली के लिए चंदा वसूली होती थी। एक महीने पहले से ही होलिका स्थल पर लकड़ियां पड़ने लगती थीं, पर अब यह सब देखने को कम ही मिलता है। लोग कामों में व्यस्त हो गए। होली के दो-चार दिन पहले ही अब त्यौहार का माहौल बाजार में दिखने लगता है। एक दिन पहले ही उल्लास दिखता है। होली को लेकर महीनों पहले से तैयारियां, साफ सफाई में लोग जुट जाते थे। होली का हुड़दंग पहले से होने लगता था। लोग आठ दिन पहले से रंग खेलना शुरू कर देते थे, लेकिन आज होली का त्यौहार ऐसा नहीं रह गया है। हुड़दंगियों की टोली अब नजर नहीं आ रही है। होली के दिन ही रंग गुलाल में रंगे हुए लोग दिखते हैं।
त्योहार अब महंगे हो चले हैं। खानपान से लेकर कपड़ों तक। साज सज्जा भी खूब महंगी हो गई है। साथ ही लोगों की व्यस्तता भी बढ़ी है। इस कारण आज त्यौहारों को मनाने का स्तर बदल गया है। लोग आज त्यौहारों को रस्म आदायगी की तरह मनाते हैं। पहले के समय में त्योहार कई कई महीनों पहले से पता चलने लगते थे, गलियों मोहल्लों से निकले में खतरा लगा रहता था कि कोई रंग न डाल दे, लोग महीनों पहले से पुराने कपड़े पहना शुरू कर देते थे।
होली समारोह के लिए हुलियारे महीनों से तैयारी करने में जुट जाते थे। टोलियां बनाकर घर-घर जाकर होली के आयोजनों के लिए चंदा इकट्ठा करते थे। हुलियारों के चेहरों पर रंग लगा होता था। काकी, दादी, चाचा ताऊ कहकर होली का चंदा लेते थे। गांवो के चैराहों पर, होलिका स्थल पर आए बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर होली की शुरुआत करते थे।
होली पर लोग घर-घर जाकर होली मिलकर करते थे। लोग एक दूसरे को अपने घरों पर बुलाते थे, लेकिन अब विभिन्न संस्थाओं-संगठनों के साथ मोहल्ले-कालोनियों-सोसाइटी में सार्वजनिक होली मिलन समारोह का चलन बढ़ गया है। संगठनों द्वारा एक स्थल पर लोगों को इकट्ठा करके होली मिलन मनाया जाने लगा। होली मिलन आयोजनों का स्वरूप बदल गया है। होली मिलन समारोह में कवि सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, फूलों व रंगों की होली के साथ होली पर सम्मान समारोह भी किया जाता है।

More From Author

गैस सिलेंडर महंगा, कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन

होली आते ही बाजार में रौनक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *