शाहजहांपुर (बीएपी संवाद)। मुमुक्षु महोत्सव के अंतर्गत आज श्री रुद्रमहायज्ञ के तृतीय दिवस पर महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद के सानिध्य में स्वामी सर्वेश्वरानंद द्वारा यज्ञ मंडप में आवाहित सभी देवी देवताओं का पूजन व रुद्राभिषेक किया। एवं अरणीमंथन के द्वारा अग्निप्रवेश करके यज्ञ की आहुति रुद्रास्ट्राध्यायी द्वारा प्रदान की गई। एवं यज्ञाचार्य जयंत पाठक ने कहा कि रुद्राभिषेक के द्वारा असाध्य रोगों को समाप्त किया जा सकता है व हमारे धर्मग्रंथों के अनुसार हमारे द्वारा किए गए पाप ही हमारे दुःखों के कारण हैं। रुद्रार्चन और रुद्राभिषेक से हमारी कुंडली से पातक कर्म एवं महापातक भी जलकर भस्म हो जाते हैं और साधक में शिवत्व का उदय होता है तथा भगवान शिव का शुभाशीर्वाद भक्त को प्राप्त होता है और उनके सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। ऐसा कहा जाता है कि एकमात्र सदाशिव रुद्र के पूजन से सभी देवताओं की पूजा स्वतः हो जाती है।