शाहजहांपुर (बीएपी संवाद)। भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, समाज सुधारिका एवं मराठी कवियत्री माता साबित्री बाई ज्योतिवाराव फुले का 192वां जन्म दिवस आज अखिल भारतीय अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन के तत्वावधान में श्रीमती शांतिदेवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हथौड़ा बुजुर्ग में संपन्न हुआ।
समारोह के अध्यक्ष राम बहादुर तथा अन्य अतिथिगणों ने तथागत गौतम बुद्ध, बाबासाहेब डा0 अम्बेडकर, ज्योतिबा फुले व सावित्री बाई फुले के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि के रूप में पंचशील सोशल वेलफेयर सोसाइटी के जिलाध्यक्ष राम सिंह तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ कवि ज्ञानेन्द्र मोहन ज्ञान ने शिक्षा के क्षेत्र में सावित्रीबाई फुले के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि तत्कालीन विषम परिस्थितियों में भी सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं को लेकर चली आ रही कुप्रथाओं के विरुद्ध संघर्ष किया और सफलता पाई। शिक्षा का महत्व कभी भी कम नहीं होगा। बालिकाओं की शिक्षा पर आज भी ध्यान दिया जाना आवश्यक है।
संगठन के संरक्षक अमर सिंह, जिलाध्यक्ष हरिशंकर कनौजिया, कोषाध्यक्ष संजीव कुमार, अधिवक्ता व पत्रकार अनूप कुमार, गाडगे हुंकार न्यूज के प्रेम सिंह, राकेश यादव, अखिलेश माथुर, कमलेश निगम ने सामाजिक समरसता पर बल देते हुए शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर अंचल कनौजिया, उदयवीर, उत्तम कुमार, संजय कुमार, राकेश कुमार, दिनेश कुमार, राकेश कुमार रंजन, निर्दोष गौतम, विनोद कुमार, प्रेमपाल राजपाल, अरविन्द कुमार, सूरज कुमार, इंदु सक्सेना, वीरेंद्र कुमार, पृथ्वीराज, बाबू सिंह, अजय प्रताप सिंह, महेशचंद्र, पूनम, सुरेश चंद्र भारती आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय माथुर ने किया।