100 रुपये रिश्वत के आरोप ने बर्बाद कर दिया ‘बचपन’

रायपुर: आपने फिल्मों में ‘मेरा बाप चोर है’ का संवाद जरूर सुना होगा, लेकिन रायपुर के एक परिवार ने इसी तरह की हकीकत को 39 साल तक जिया। अंतर बस इतना था कि यहां एक बेटे को यह कलंक झेलना पड़ा, ‘मेरा बाप घूसखोर है’। सड़क परिवहन निगम के पूर्व कर्मचारी जागेश्वर प्रसाद अवधिया पर 100 रुपये की कथित रिश्वत का आरोप था। 39 साल बाद अदालत ने उन्हें बेगुनाह साबित कर दिया, लेकिन इन चार दशकों की कानूनी लड़ाई ने उनका जीवन ही तबाह नहीं किया, बल्कि पूरे परिवार पर सामाजिक तिरस्कार का गहरा बोझ डाल दिया।

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