10 वर्षों में 89 हजार बैंक खातों में लेन-देन नहीं हुआ

राजनांदगांव। जिले में 10 वर्षों में 89 हजार बैंक खातों में लेन-देन नहीं हुआ है, लेकिन इन खातों में करीब 26 करोड़ रुपये जमा हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने खाताधारकों और उत्तराधिकारियों को यह रकम लौटाने का निर्णय लिया है, लेकिन उत्तराधिकारी सामने नहीं आ रहे हैं और न ही दावा कर रहे हैं।

बैंकों द्वारा छह से अधिक शिविर लगाई जा चुकी हैं। फिर भी खाताधारक सामने नहीं आ रहे हैं। कई खाताधारकों की मृत्यु हो गई है, लेकिन नॉमिनी नहीं होने के कारण भी राशि निकालने में दिक्कतें हो रही हैं।

बैंक अधिकारियों के अनुसार, जो बैंक खाते दो साल से अधिक और 10 वर्ष तक निष्क्रिय रहते हैं, उनमें जमा रकम डिपोजिट एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड में ट्रांसफर कर दी जाती है।

खाताधारक या उनके कानूनी उत्तराधिकारी दस्तावेज पेश कर रकम वापसी का दावा कर सकते हैं। 31 दिसंबर तक बैंकों द्वारा शिविर लगाकर रकम लौटाई जाएगी। वहीं निष्क्रिय बैंक खातों को दोबारा सक्रिय कर जमा रकम भी वापस ली जा सकती है।

सरकारी विभागों के बैंक खाते भी कुछ समय से निष्क्रिय हैं। इसकी भी सूची तैयार कर ली गई है। सरकारी विभागों के बैंक खातों में भी बड़ी राशि जमा है। निष्क्रिय खातों की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई कर बैंक अकाउंट सक्रिय करने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। आरबीआइ के इस पहले से लाखों लोगों को काफी राहत मिलेगी।

विभागीय अधिकारी भी बैंक खातों को सक्रिय करने में लग गए हैं। बैंकों के अधिकारियों ने दावा करने वाले 89 खाताधारकों को अब तक 73 लाख 87 हजार रुपये का भुगतान कर चुके हैं।

जिला अग्रणी बैंक अधिकारी मुनीश शर्मा ने बताया कि अभियान के अंतर्गत बैंक द्वारा अब तक 89 खातों में 73 लाख, 87 हजार रुपये खाताधारकों एवं खाताधारकों के उत्तराधिकारियों को भुगतान किया गया है। इसके अलावा भारतीय जीवन बीमा की दावा नहीं की गई बीमा पॉलिसी के क्लेम प्रक्रिया की जानकारी भी दी जा रही है।

जिस बैंक में खाता है, वहां जाना होगा। आधार, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र या ड्राइविंग लाइसेंस के साथ फॉर्म जमा करें। खाते का सत्यापन करने के बाद रकम को ब्याज के साथ वापस ले सकेंगे।

संबंधित बैंक की वेबसाइट पर खाता नंबर डालकर जानकारी ली जा सकती है। इसके अलावा आरबीआइ के पोर्टल पर लॉग इन कर जानकारी ले सकते हैं। इसमें अभी 30 बड़े बैंकों की जानकारी अपलोड है। आरबीआइ के अधिकारिक वाट्सएप नंबर-9999041935 पर भी मैसेज कर जानकारी ली जा सकती है।

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