पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान ने कहा है कि कानून का शासन नहीं होने पर देश में लोकतंत्र का कोई भविष्य नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री ने 9 मई की हिंसा के बाद उनकी पार्टी पर चल रही कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा, कानून के शासन के बिना, हमारे पास न तो लोकतंत्र (स्वतंत्रता) या समृद्धि और न ही भविष्य होगा।
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्होंने यह भी बताया कि कानून के शासन सूचकांक में पाकिस्तान काफी नीचे गिर गया है। खान ने कहा, पीटीआई पर कार्रवाई से पहले कानून के शासन सूचकांक में पाकिस्तान 140 देशों में 129वें स्थान पर था। हमारे मौलिक अधिकारों पर हमले का ऐसा अनुभव देश ने पहले कभी नहीं किया गया था। आज, हम म्यांमार और सूडान के स्तर तक गिर गए हैं जहां ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ ही कानून है।
पाकिस्तान ने आंतरिक मामलों में आईएमएफ के ‘हस्तक्षेप’ की निंदा की
पाकिस्तान की वित्त और राजस्व मंत्री आइशा गौस पाशा ने बुधवार को पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की आलोचना की। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी। आइशा गौस पाशा ने पाकिस्तान में राजनीतिक स्थिति के बारे में आईएमएफ मिशन प्रमुख नाथन पोर्टर के बयान को असाधारण बताते हुए कहा, पाकिस्तान का आचरण कानून के अनुरूप है।
हालांकि, आईएमएफ घरेलू राजनीति पर कोई टिप्पणी नहीं करता है, लेकिन पोर्टर ने कहा था कि फंड को उम्मीद है कि संविधान और कानून के शासन के अनुरूप एक शांतिपूर्ण रास्ता खोजा जा सकता है। मंत्री ने कहा कि उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 9 जून को पेश होने वाले फेडरल बजट की घोषणा से पहले दोनों पक्ष एक स्टाफ-लेवल समझौते पर पहुंचेंगे। आगे कहा कि देरी न तो पाकिस्तान के लिए अच्छी है और न ही फंड के लिए।