पीआरआई बैठक में एमटीपी एक्ट की जानकारीःसाझा प्रयास नेटवर्क

शाहजहांपुर (बीएपी संवाद)। विनोबा सेवा आश्रम की तरफ से ग्राम बरतारा ब्लॉक भावल खेड़ा में ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में बैठक का किया गया आयोजन आई पास की ट्रेनिंग एंड रिसर्च ऑफिसर कमला सिंह के द्वारा प्रधान का स्वागत करते हुए उपस्थित सारी महिलाओं का स्वागत किया गया उनके अधिकारों पर जानकारी देते हुए बताया गया कि हर महिला का अधिकार है अपने अधिकारों पर आवाज उठा सकती हैं खुद को इतना कमजोर न समझे इसी क्रम में उनको जानकारी पीसीपीएनडीटी एक्ट एवं एमटीपी एक्ट के अंतर के बारे में जानकारी दी गई एमटीपी एक्ट के तहत विशेष परिस्थितियों में हर महिला का अधिकार है वह सुरक्षित गर्भपात करवा सकती है समाज स्वस्थ रहें महिला स्वस्थ रहें महिलाओं का स्वास्थ्य बेहतर रहे इसके लिए हम सबको ध्यान रखना है गर्भ समापन के लिए हमें सरकारी अस्पताल अथवा मान्यता प्राप्त प्राइवेट अस्पताल में ही जाना है तभी महिलाओं को बेहतर सेवा मिल पाएगी चिकित्सीय गर्भ समापन अधिनियम 2021 संशोधन के बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि कुछ विशेष श्रेणी की महिलाओं के लिए गर्भपात की ऊपरी सीमा को 20 सप्ताह से बढ़ाकर 24 सप्ताह कर दिया गया है पर्याप्त भ्रूण विकृति के मामलों में गर्भावस्था के दौरान किसी भी समय गर्भ समापन को मान्य किया गया यौन हमले या बलात्कार या अनाचार के उत्तरजीवी, नाबालिक, चल रही गर्भावस्था के दौरान विवाहित स्थिति में परिवर्तन (वैधता या तलाक), शारीरिक विकलांग महिलाएं (विकलांगता अधिनियम 2016), मानसिक मंदता सहित मानसिक रूप से बीमार महिलाएं, आपदा या आपातकालीन स्थितियों में (जैसा कि सरकार द्वारा घोषित किया गया हो) 20 सप्ताह एमटीपी के लिए एक प्रशिक्षित डॉक्टर और 20-24 सप्ताह के लिए दो प्रशिक्षित डॉक्टरों की राय चाहिए वैसे तो गर्भपात जितना जल्दी उतना सुरक्षित रहता है गर्भपात के बाद तुरंत परिवार नियोजन के साधन जरूर अपनाना चाहिए नहीं तो गर्भ ठहरने का डर रहता है बैठक में उपस्थित लोग ग्राम प्रधान मैना विनोद सेवा आश्रम की तरफ से ग्राम बरतारा ब्लॉक भावल खेड़ा में ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में बैठक का किया गया आयोजन आई पास की ट्रेनिंग एंड रिसर्च ऑफिसर कमला सिंह के द्वारा प्रधान का स्वागत करते हुए उपस्थित सारी महिलाओं का स्वागत किया गया उनके अधिकारों पर जानकारी देते हुए बताया गया कि हर महिला का अधिकार है अपने अधिकारों पर आवाज उठा सकती हैं खुद को इतना कमजोर ना समझे इसी क्रम में उनको जानकारी पीसीपीएनडीटी एक्ट एवं एमटीपी एक्ट के अंतर के बारे में जानकारी दी गई एमटीपी एक्ट के तहत विशेष परिस्थितियों में हर महिला का अधिकार है वह सुरक्षित गर्भपात करवा सकती है समाज स्वस्थ रहें महिला स्वस्थ रहें महिलाओं का स्वास्थ्य बेहतर रहे इसके लिए हम सबको ध्यान रखना है गर्भ समापन के लिए हमें सरकारी अस्पताल अथवा मान्यता प्राप्त प्राइवेट अस्पताल में ही जाना है तभी महिलाओं को बेहतर सेवा मिल पाएगी चिकित्सीय गर्भ समापन अधिनियम 2021 संशोधन के बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि कुछ विशेष श्रेणी की महिलाओं के लिए गर्भपात की ऊपरी सीमा को 20 सप्ताह से बढ़ाकर 24 सप्ताह कर दिया गया है पर्याप्त भ्रूूूण विकृति के मामलों में गर्भावस्था के दौरान किसी भी समय गर्भ समापन को मान्य किया गया यौन हमले या बलात्कार या अनाचार के उत्तरजीवी, नाबालिक, चल रही गर्भावस्था के दौरान विवाहित स्थिति में परिवर्तन (वैधता या तलाक), शारीरिक विकलांग महिलाएं (विकलांगता अधिनियम 2016), मानसिक मंदता सहित मानसिक रूप से बीमार महिलाएं, आपदा या आपातकालीन स्थितियों में (जैसा कि सरकार द्वारा घोषित किया गया हो) 20 सप्ताह एमटीपी के लिए एक प्रशिक्षित डॉक्टर और 20-24 सप्ताह के लिए दो प्रशिक्षित डॉक्टरों की राय चाहिए वैसे तो गर्भपात जितना जल्दी उतना सुरक्षित रहता है गर्भपात के बाद तुरंत परिवार नियोजन के साधन जरूर अपनाना चाहिए नहीं तो गर्भ ठहरने का डर रहता है बैठक में उपस्थित लोग ग्राम प्रधान मैनादेवी पंचायत सहायक शीला आंगनबाड़ी उषा देवी एवं गांव की सम्मानित महिलाएं सभी महिलाओं का कमला सिंह के द्वारा सभी का धन्यवाद किया गयादेवी पंचायत सहायक शीला आंगनबाड़ी उषा देवी एवं गांव की सम्मानित महिलाएं सभी महिलाओं का कमला सिंह के द्वारा सभी का धन्यवाद किया गया।

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