जनपद में सक्रिय क्षय रोग खोजी अभियान 20 फरवरी से
संभावित मरीजों के बलगम का मौके पर लिया जाएगा नमूना
शाहजहांपुर (सूवि)। जनपद में टीबी मरीजों को खोजने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाएगी। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत विभाग की ओर से 20 फरवरी से सक्रिय क्षय रोगी खोजी अभियान (एक्टिव केस फाइंडिंग) चलाया जाएगा। इसके लिए विभाग ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। इस अभियान के दौरान संभावित मरीजों के बलगम के नमूने मौके पर लिए जाएंगे। पुष्टि होने पर उपचार शुरू किया जाएगा। साथ ही उन्हें पौष्टिक आहार के लिए प्रतिमाह 500 रुपए दिए जाएंगे।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पुष्पेन्द्र कुमार ने बताया कि जनपद में कुल छह टीबी यूनिट हैं। इन यूनिट के माध्यम से सोमवार से एसीएफ अभियान की शुरुआत की जाएगी। टीमें घर-घर जाकर टीबी रोगियों को खोजेंगी। साथ ही सुपरवाइजर टीमों की निगरानी करेंगे। यह अभियान पांच मार्च तक चलेगा। बीते साल मार्च में चलाए गए क्षय रोगी खोज अभियान में 166 क्षयरोगियों की खोज की गई थी जिनका उपचार किया गया।
जिला कार्यक्रम समन्वयक सिद्धार्थ गुप्ता ने बताया कि एसीएफ अभियान जनपद में दो चरणों में चलाया जाएगा। पहला 20 से 23 फरवरी तक तथा दूसरा चरण 24 फरवरी से 5 मार्च तक चलेगा। उन्होंने बताया कि पहले चरण में केवल एन.टी.इ.पी कर्मचारी द्वारा अनाथालय, वृद्धाआश्रम, नारी निकेतन, बाल सरंक्षण गृह, मदरसा, नवोदय विद्यालय तथा कारागार में क्षय रोगियों की खोज की जाएगी। दूसरे चरण मंे एन.टी.इ.पी कर्मचारी सहित आशा एवं ए.एन.एम जनपद की कुल 20 प्रतिशत आबादी के शहरी एवं ग्रामीण बस्ती तथा हाई रिस्क क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी। साथ ही चिन्हित समूह स्थल सब्जी मंडी, फल मंडी, लेबर मार्केट, निर्माणाधीन प्रोजेक्ट, ईट भट्टे, स्टोन केशर, खदानें, साप्ताहिक बाजार आदि पर भी क्षय रोगियों को चिन्हित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि एसटीएस और एसटीएसएलएस के सहयोग से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एचडब्ल्यूसी) पर तैनात कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) को टीबी के संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। जो भी संदिग्ध मरीज मिलेगा, टीम उसका मौके पर ही नमूना लेगी, इसके बाद दूसरी सुबह खाली पेट उसी मरीज के बलगम का दूसरा नमूना लिया जाएगा, जिसकी जांच टीबी यूनिट पर कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि जनपद में करीब 3584 टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है। क्षयरोगियों को जाँच व इलाज की सुविधा के साथ ही स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से पोषण सामाग्री और भावनात्मक सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है।
दो सप्ताह से खांसी आने पर हो जाएं सतर्क
डीटीओ ने बताया कि यदि किसी को दो हफ्ते से ज्यादा समय से खांसी आ रही हो, खांसते समय खून आता हो, सीने में दर्द तथा बुखार एवं वजन कम होने की शिकायत हो तो वह बलगम की जांच अवश्य कराएं। सरकारी अस्पतालों में यह जांच निशुल्क होती है।