महाशिवरात्रि पर बन रहे दुर्लभ संयोग, भक्तों पर बरसेगी कृपा

शाहजहांपुर (बीएपी संवाद)। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए वर्ष का सबसे महत्वपूर्ण पर्व महाशिवरात्रि 30 साल बाद इस बार दुर्लभ संयोग में मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य के अनुसार महाशिवरात्रि इस बार 18 फरवरी को मनाई जाएगी। चतुर्दशी तिथि का आरंभ रात 8.03 बजे होगा। सुयोगों के चलते इस बार इसका महत्व हजारों गुना बढ़ गया है।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार भक्तों पर भगवान शिव के साथ देवी पार्वती की भी कृपा बरसेगी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह हुआ था। इसी दिन महादेव शिवलिंग के स्वरूप में प्रकट हुए थे। इस कारण हर साल फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को यह पर्व मनाया जाता है।
पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
प्रथम पहर पूजा- शाम 6ण्41 से रात 9ण्47 बजे तक।
द्वितीय पहर पूजा- रात 9ण्47 से रात 12ण्53 बजे तक।
तृतीय पहर पूजा- रात 12ण्53 से भोर 3ण्58 बजे तक।
चतुर्थ पहर पूजा- भोर में 3ण्58 से सुबह 7ण्06 बजे तक।
व्रत पारण- 19 फरवरी को सुबह 6ण्11 बजे से दोपहर 2ण्41 बजे तक।
ऐसे करें शिव को प्रसन्न
महाशिवरात्रि पर सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। शिव मंदिर में जाकर गन्ने का रस, कच्चा दूध और घी से भगवान शिव का अभिषेक करें। बेलपत्र, भांग, धतूरा, जायफल, फल, मिष्ठान, इत्र और दक्षिणा भी अर्पित करें। शिव चालीसा, शिव स्तुति, पंचाक्षर स्तोत्र, रुद्राष्टकम का पाठ करें। पंचाक्षर मंत्र का जप करें। आरती कर लोगों में प्रसाद वितरण करें।
ये होंगे दुर्लभ संयोग
महाशिवरात्रि पर शनि कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे। इसी राशि में सूर्य और शनि की युति भी बनने वाली है। इसके अलावा सुखों के प्रदाता शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में रहेंगे। यह बेहद कल्याणकारी है और तीन दशक बाद पड़ रहा है।

More From Author

28 साल पुराने मुकदमे में गवाही देने पहुंचे आजम

10 FEB 2023

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *